मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए एक साल और करना होगा इंतजार
बुलंदशहर। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की राह देख रहे छात्रों को एक साल का इंतजार और करना होगा। जिले में बन रहे मेडिकल कॉलेज में इसी साल से शिक्षण सत्र शुरू करने को लेकर पिछले सात माह से तैयारियां चल रही थीं। नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) की टीम के दोबारा निरीक्षण न करने से शिक्षा सत्र शुरू होने पर पूर्ण विराम लग गया है।
मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य का एनएमसी की टीम ने पहली बार फरवरी में निरीक्षण किया था। इस दौरान टीम ने 2022-23 से शिक्षण सत्र शुरू होने के संकेत दिए थे। इसके लिए एनएमसी की टीम को अगस्त में एक और निरीक्षण करना था। सितंबर बीतने के बाद भी टीम अभी तक नहीं आ सकी है और न ही कोई गाइड लाइन कॉलेज के प्राचार्य को मिली है। ऐसे में इस साल से शिक्षण सत्र शुरू नहीं हो पाएगा।
नोडल प्राचार्य ने लिखा था पत्र
मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू होने पर मेरठ मेडिकल कॉलेज के डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार को नोडल प्राचार्य बनाया गया था। नोडल प्राचार्य ने 2022-23 से शैक्षिक सत्र मेडिकल कॉलेज शुरू करने के लिए अनुमति मांगी थी। प्राचार्य के भेजे गए पत्र के अनुसार जिला अस्पताल में 177 बेड और जिला महिला अस्पताल में 50 बेड की सुविधा है। मेडिकल कॉलेज के शैक्षिक सत्र के लिए 330 बेड की जरूरत पड़ेगी। शुरुआती दो वर्ष में लैब और लेक्चर थियेटर की आवश्यकता पड़ेगी। इसके लिए संबंधित भवन के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। ऐसे में शैक्षिक सत्र चलाने को अनुमति दी जाए।
ऑक्सीजन प्लांट के लिए जगह नहीं हुई चिन्हित
जिला अस्पताल परिसर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य चल रहा है। स्वास्थ्य महानिदेशक ने 20 हजार किलो लीटर क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए जगह चिन्हित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक जगह चिन्हित नहीं हो सकी है। स्वास्थ्य विभाग के अवर अभियंता विनोद सिंह डांगर ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट के लिए 17 मीटर लंबाई व नौ मीटर चौड़ाई की जगह चाहिए।
मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा न होने के कारण इस साल शिक्षण सत्र शुरू नहीं हो पाएगा। अब अगले वर्ष शिक्षण कार्य शुरू हो सकेगा। मेडिकल कॉलेज की समिति के पंजीकरण की प्रक्रिया भी चल रही है। जिला अस्पताल परिसर में 20 हजार किलोलीटर क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट के लिए जगह की तलाश पूरी न होने पर शासन को नक्शा भेजा है। जगह चिन्हित होने पर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस/प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज