बीबीनगर में भगवान शालिग्राम व माता तुलसी जी के विवाह में शामिल महिलाएं फेरों की रस्में निभाते ह
बुलंदशहर। देवोत्थान एकादशी का पर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। चार माह की लंबी योग निद्रा के बाद भगवान विष्णु के जाग्रत होने की खुशी में जिला भक्ति के रंग में रंग गया। इस अवसर पर भगवान नारायण (शालिग्राम) का माता तुलसी के साथ वैदिक रीति-रिवाज से विवाह संपन्न कराया गया। संकीर्तन व प्रभात फेरी में भी भक्ति गीतों की गूंज रही।
एकादशी पर श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर तुलसी और शालिग्राम का विशेष पूजन किया। मंदिरों और घरों में महिलाओं ने पारंपरिक गीतों के साथ भगवान विष्णु के जागने का आह्वान किया। पूजन के दौरान तुलसी के पौधे को लाल चुनरी ओढ़ाकर सामग्री, मिष्ठान्न और फल अर्पित किए गए। श्रद्धालु महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा कर सुख, सौभाग्य और अखंड सुहाग का आशीर्वाद मांगा। साथ ही नगर से लेकर देहात तक घरों में देवोत्थान एकादशी का पूजन विधि-विधान से किया गया। साथ ही घरों में परिवार के सभी सदस्यों के जमीन पर पैर उकेरे गए।
नगर के रामा एनक्लेव कॉलोनी में स्थित मनकामेश्वर मंदिर से प्रभात फेरी निकली गई। इसमें कीर्तन तनुज गोस्वामी, मोंटी अग्रवाल व प्रदीप मनीषा द्वारा किया गया। प्रभात फेरी के दौरान प्रियंका शर्मा, सुनीता अग्रवाल, बीना शर्मा, ममता गोस्वामी, अंजू महेश्वरी, ज्योति चौहान, नेहा गुप्ता, सपना अग्रवाल व बबीता शर्मा आदि अनेक महिलाओं ने भाग लिया।
दूसरी ओर बीबीनगर में रविवार को हुई भगवान शालिग्राम की घुड़चढ़ी में भक्तिमय संगीत पर महिलाओं व युवतियों ने जमकर नृत्य करते हुए खुशियां मनाईं।
नगर के बड़े शिव मंदिर पर पहुंची घुड़चढ़ी का भव्य व जोरदार स्वागत किया गया। जलपान के उपरांत भगवान की चढ़त की रस्में पूरी की गई। चढ़त नगर के मुख्य मार्गों से होती हुई मंदिर परिसर में पंहुची, जिसके बाद बरातियों को भोजन कराया गया। भगवान शालिग्राम व माता तुलसी जी के फेरों व विदाई की रस्मों ने भक्तों को भावभोर कर दिया। भगवान के विवाह के आया सभी दान दहेज का सामान भी कन्याओं के विवाह के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।