बुलंदशहर। इस बार फरवरी में मार्च जैसा मौसम हो रहा है। लगातार बढ़ते तापमान से अभी से ही गर्मी का एहसास होने लगा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि बढ़ते तापमान का गेहूं की फसल पर बुरा असर पड़ सकता है।दिन में चटक धूप और रात को पंखे चलाने पड़ रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अधिकतम व न्यूनतम तापमान लगातार बढ़ रहा है, जो चिंता का विषय है।
इस बार फरवरी माह के पहले सप्ताह के बाद से ही तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। इसके बाद लगातार तापमान में वृद्धि होती जा रही है। पिछले कई दिन से स्थिति यह है कि दिन के समय चटक धूप गर्मी का अहसास करा रही है। रात के समय भी गर्मी बढ़ने से लोगों ने पंखे चलाने शुरू कर दिए हैं। साथ ही लोगों ने बचाव के उपाय भी शुरू कर दिए हैं। वहीं, लगातार बढ़ रहे इस तापमान को देखकर लग रहा है कि इसका असर फसलों पर पड़ सकता है।
कृषि वैज्ञानिक डा. रेशु सिंह और जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव का कहना है कि यदि इसी तरह तापमान में वृद्धि होती रही तो इसका असर गेहूं की फसल पर पड़ सकता है। इस समय बाली निकल रही है और तापमान बढ़ने पर दाने भी हल्के और छोटे हो सकते हैं।
तापमान में हुए बदलाव ने उन किसानों की चिंता अधिक बढ़ा दी है, जिन्होंने दिसंबर में बुवाई की है। गेहूं के लिए रात के समय ओस और दिन के समय चमकदार धूप सबसे अनुकूल मौसम होता है। लेकिन इस बार गेहूं को चमकदार धूप तो मिल रही है, लेकिन रात में ओस मिलना लगभग बंद हो गई है। गेहूं को कई चरणों में अलग-अलग तापमान की आवश्यकता होती है।
मार्च व अप्रैल में वसंत में तापमान बढ़ जाता है, लेकिन अब इस बार फरवरी में ही मार्च जैसा तापमान होने से किसानों की चिंता बढ़ गई हैं। उन्होंने बताया कि गेहूं के लिए अधिकतम तापमान 24 और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। किसानों को चाहिए कि गेहूं की खेतों में नमी बनाए रखने के लिए 15-20 दिनों के अंतर पर सिंचाई करते रहें। तापमान की जानकारी लेते रहें।
तेज हवाओं के दौरान सिंचाई न करें अन्यथा फसल गिर सकती है। दूसरी ओर मंगलवार को अधिकतम तापमान 27 और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता 42 फीसदी और हवा की गति 10 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिक डा. रेशु सिंह का कहना है कि तापमान में लगातार वृद्धि का अनुमान बन रहा है। बुधवार को अधिकतम तापमान 27 और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।