माननीयों से आचार संहिता का पालन कराने को लेकर सिस्टम बेबस दिखा। चुनाव आयोग की ओर से बूथ के अंदर मोबाइल के इस्तेमाल को वर्जित किया गया है लेकिन माननीयों के मतदान कक्ष में भी फोटो खींचे गए। अब उनके फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इस तरह आदर्श आचार संहिता की धज्जियां उड़ी, लेकिन पुलिस-प्रशासन इसे रोकने में बेबस रहा।
चुनाव आयोग की ओर से सख्त निर्देश दिए गए थे कि मतदान के दिन कोई भी मतदाता अपने साथ मोबाइल बूथ के अंदर नहीं ले जा पाएगा। पुलिसकर्मी माननीयों और उनके समर्थकों के आगे बेबश नजर आए। माननीयों के फोटो मोबाइल से मतदान कक्ष के अंदर तक खींचे गए।
सांसद डॉ. भोला सिंह ने शिकारपुर में अपना मतदान किया तो मतदान कक्ष के अंदर वोट डालते हुए उनका फोटो खींचा गया। इसके बाद यह फोटो सोशल साइट्स पर भी अपलोड कर दिया गया।
इसके अलावा, सिकंदराबाद की निवर्तमान विधायक विमला सोलंकी का भी मतदान कक्ष के अंदर फोटो खींचा गया है।
इसके अलावा भी कई अन्य निवर्तमान विधायक, प्रत्याशी और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी आदर्श चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ाईं, लेकिन पुलिस-प्रशासन इन पर आचार संहिता का डंडा नहीं चला सका।
मैं मतदान करने गया। इस दौरान मुझे नहीं पता कि मेरा फोटो मतदान कक्ष के अंदर किसने खींचा। मुझे मामले की जानकारी नहीं है। - डॉ. भोला सिंह, सांसद
अभी मुझे जानकारी नहीं है कि किस माननीय ने मतदान कक्ष के अंदर फोटो खिंचावाया है। मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-आंजनेय कुमार सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी
मुझे नहीं पता कि मेरा फोटो किसने खींचा है। मैंने अपना कोई फोटो नहीं खींचा। अब कौन मेरा फोटो खींचता है, मुझे जानकारी नहीं।
-विमला सोलंकी, निवर्तमान विधायक, सिकंदराबाद