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मंजू की गल रही हड्डियां देखकर भी नहीं पसीजा सिस्टम

Thu, 20 Oct 2016 11:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
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स्वास्थ्य - फोटो : अमर उजाला
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असाध्य रोग से पीड़ित मंजू तोमर की गलती हड्डियों पर साहब ने मरहम नहीं रखा। अफसरों ने मदद का भरोसा तो जरूर दिया, मगर मदद की बारी आई तो कलम का दायरा सिकोड़ लिया। अफसरों ने मंजू को 50 हजार की मदद का भरोसा दिया था। मगर जब चेक जारी करने की बारी आई तो साहब की कलम 10 हजार रुपये से आगे नहीं बढ़ी।

10 हजार की मामूली रकम भी अब तक मंजू को नहीं दी गई है। शिकारपुर तहसील के गांव जमालपुर निवासी दइयराज सिंह की पुत्री मंजू तोमर 26 साल से हड्डी के असाध्य रोग से पीड़ित है। मंजू फिलहाल अपने रिश्तेदार के यहां मुफलिसी में जिंदगी गुजार रही है।
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डेढ़ माह पूर्व डीएम ने मंजू को रेड क्रास सोसायटी ने पांच हजार रुपये का चेक सौंप दिया था। मदद को नाकाफी मानते हुए अमर उजाला ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया। इसके बाद एडीएम प्रशासन ने मंजू को 50 हजार की मदद दिलाने का आश्वासन दिया था।

मगर जब समय चेक बनाने का आया तो रेड क्रास सोसायटी के साहब की कलम 10 हजार से आगे नहीं बढ़ पाई। 10 हजार रुपये की मामूली रकम भी अब तक मंजू को नहीं मिली है।

 मंजू के शरीर में खून की कमी है। खून की कमी के कारण मंजू का वजन 31 की उम्र में महज 27 किलो रह गया। मंजू से उसके परिवार ने भी किनारा किया हुआ है। ऐसे में सरकार की मदद ही उसके जीने का सहारा है।
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डिप्टी सीएमओ डा. अशोक तालियान ने मेडिकल रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद बताया कि मंजू की हड्डियों में डिकंपोजिशन (गलन) शुरू हो गई है। हड्डियों का गलन होने से मंजू का कूल्हा बेकार हो चुका है। टांगों ने काम करना बंद कर दिया है। उसकी हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है।

 
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