बुलंदशहर। जनपद के सलेमपुर क्षेत्र में किशोरी को शादी का झांसा देकर अगवा करने और दो महीने तक बंधक बनाकर दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ओमप्रकाश वर्मा की कोर्ट ने आरोपी कैलाश को दोषी करार दिया।
उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जिसे पीड़िता को बतौर मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं। 27 जनवरी 2023 को सलेमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में शादी का माहौल था। पीड़ित पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 26 जनवरी को उनकी भतीजी की शादी थी। पूरा परिवार उत्सव में व्यस्त था, लेकिन अगले ही दिन 27 जनवरी को उनकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी संदिग्ध परिस्थिति में घर से लापता हो गई। काफी तलाश के बाद भी जब उसका सुराग नहीं लगा, तो परिजनों ने पुलिस की शरण ली।
पुलिस जांच में गांव के ही कैलाश का नाम सामने आया। पुलिस ने करीब दो महीने की कड़ी मशक्कत के बाद किशोरी को आरोपी के चंगुल से बरामद किया। बरामदगी के बाद पीड़िता ने आपबीती सुनाई। किशोरी ने बताया कि कैलाश उसे शादी का झांसा देकर बहलाकर अपने साथ बैंगलोर ले गया था।
वहां उसने दो महीने तक उसे बंधक बनाकर रखा और उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया। पुलिस ने जब किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया, तो उसमें उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई। विशेष लोक अभियोजक ने अदालत में प्रभावी पैरवी करते हुए पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट को मुख्य आधार बनाया।
उन्होंने दलील दी कि आरोपी ने न केवल एक नाबालिग का भविष्य बर्बाद किया, बल्कि उसे शारीरिक और मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया। अदालत ने दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया।