नियमों को ताक पर रखकर चुतर्थ श्रेणी के कर्मचारी को टैक्स कलेक्टर बना दिया गया। जांच में पुष्टि होने पर डीएम ने नरौरा नगर पंचायत चेयरमैन पर डीएम ने शिकंजा कस दिया है। जांच में ईओ और चेयरमैन पर लगे वित्तीय अनियमितता, भुगतान और मनमानी के आरोप सही पाए गए।
एडीएम ने डीएम को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। डीएम ने कहा कि चेयरमैन ने वित्त एवं प्रशासनिक अधिकार सीज करने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। शिकायतकर्ता ओमप्रकाश और मनवीर सिंह आदि पार्षदों ने चेयरमैन और ईओ की शिकायत डीएम से की थी। डीएम के आदेश पर एडीएम वित्त बृजेश कुमार ने जांच की तो आरोप सही पाए गए।
एडीएम वित्त ने बताया कि पार्किंग ठेका देने के बाद फर्म से अनुबंध नहीं कराया गया। सफाई ठेके को लेकर चेयरमैन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसीलिए कस्बा गंदगी से अटा पड़ा है। निर्माण कराने के बाद जानबूझकर कार्यदायी संस्था का कमीशन की आड़ में पेमेंट रोका गया।
कर्मचारी मुकेश की नियुक्ति चतुर्थ श्रेणी में हुई थी। मुकेश को नियम ताक पर रखकर टैक्स कलेक्टर बना दिया गया। मशीनरी की खरीफ फरोख्त में अनियमितता सामने आई है। एडीएम ब्रजेश कुमार का कहना है कि डीएम को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। नरौरा नगर पंचायत में बेहद गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कार्रवाई डीएम को करनी है।
जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। चेयरमैन और इओ पर गंभीर आरोप हैं। चेयरमैन के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी ताकि उनका वित्त एवं प्रशासनिक अधिकार सीज हो सकें। - आंजनेय कुमार सिंह, डीएम, बुलंदशहर