किसौली और लौहराला का भूजल दूषित हो गया है। रविवार को जलनिगम की टीम ने ग्रामीणों की शिकायत पर दोनों गांव से 10-10 हैडपंपों से पानी के सैंपल लिए। इनको जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजा गया है। जल निगम के अफसरों का कहना है पानी की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कार्य योजना तैयार की जाएगी।
किसौली व लहोराला के ग्रामीणों ने जलनिगम में शिकायत की कि गांव में लगे हैंडपंपों का पानी पीने योग्य नहीं है। बीमारियोें के कारण पिछले वर्षों में जलजनित बीमारियों से 40 लोगों की मौत हो चुकी है, अन्य दर्जनों लोग पानी से होने वाले घातक रोगों की चपेट में हैं। शिकायत के आधार पर डीएम ने दोनों गांवों में पानी की जांच कराने का आदेश दिया।
जल निगम के तकनीकी स्टाफ ने किसौली और लौहराला में पानी के 10-10 सैंपल लिए। सभी नमूने सरकारी हैंडपंपों से लिए गए हैं। एक्सईएन जल निगम एसके भारद्वाज ने बताया कि नमूने जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। पानी की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद गांवों में स्वच्छ पेयजल की कार्ययोजना बना ली जाएगी। इन दोनों गांवों में दूषित पानी के चलते करीब 20 हजार लोगों को पीने को साफ पानी नहीं मिल रहा है। स्वच्छ पेयजल के अभाव में ग्रामीण बीमार पड़ने लगे है।