बुलंदशहर। विदेश जाने की फिराक में पकड़े गए बांग्लादेशी के खिलाफ पहले से ही तीन मुकदमे दर्ज हैं। लेकिन, एलआईयू और पुलिस की लापरवाही के चलते अभी तक ये मामले नतीजों तक नहीं पहुंच सके हैं यही नहीं वर्ष 2013 में दर्ज हुआ तो उसे कम का मामला भी अभी तक न्यायालय में विचाराधीन है। इससे साफ है कि पुलिस ने बांग्लादेशी पर मुकदमे तो दर्ज कर लिए, लेकिन उन्हें नतीजे तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त सबूत शायद एकत्रित नहीं किए हैं।
नगर कोतवाली पुलिस ने नगर के मोहल्ला मुस्तफागढ़ी धमेड़ा अड्डे के नजदीक मकान में परिजनों के साथ रह रहे एक बांग्लादेशी को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया। आरोपी की शिनाख्त इदरीश निवासी ग्राम दाखिन, थाना उतरा, जनपद टूंगी बांग्लादेश के रूप में हुई थी। पुलिस ने आरोपी का पैन कार्ड, आधार कार्ड आदि बरामद किए हैं। इदरीश ने नगर की ही एक महिला से 27 वर्ष पूर्व निकाह रचाया और वर्तमान में पांच बच्चे भी हैं। इदरीश के खिलाफ नगर कोतवाली ने 1995 और 2003 में विदेशी अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा भी दर्ज किया गया था। हालांकि, पुलिस ने इसे गिरफ्तार करने का प्रयास किया, लेकिन वह फरार हो गया। 2005 में इदरीश कोर्ट से गिरफ्तारी का स्टे ले आया था। बताया कि सरल प्रक्रिया होने के चलते आरोपी ने भारतीय आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवा लिए थे। इसके साथ ही वोटर लिस्ट में भी आरोपी ने अपना नाम दर्ज करा लिया था और पिछले 10 वर्षों से वोट का प्रयोग कर रहा था। पूछताछ में बताया कि इदरीश 1990 में नगर में आया था और यहीं रहने लगा था।
पुलिस ने वर्ष 2003 में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन, वह जमानत पर छूट कर वापस आ गया। यह मामला न्यायालय में आज भी विचाराधीन है। जिसे लगभग 20 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक मामले में पुलिस की ओर से गवाही नहीं कराई जा सकी है। पुलिस की लापरवाही का यही कारण रहा कि आरोपी ने वर्ष 2013 में एक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दे डाला। लेकिन इस प्रकरण में भी पुलिस की ओर से लापरवाही बरती गई। इस मामले को भी अभी तक अंजाम तक नहीं पहुंचाया जा सका है। इसी के चलते आरोपी के हौसले भी बुलंद नजर आ रहे हैं।