चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ की कॉलेज इंगलिश टीचर्स ऐसोसिएशन (सीटा) का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन बसंती देवी डिग्री कॉलेज के सभागार में शुरू हुआ।
बतौर मुख्य अतिथि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश डीपी गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर अधिवेशन का उद्घाटन किया। कहा कि व्यक्ति बुरा हो सकता है, साहित्य बुरा नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है। साहित्य में समावेश सभी पहलू जानकारी बढ़ाते हैं। इस मौके पर अहमदाबाद गुजरात से पहुंची प्रो.नीरजा अरुण ने लिटरेचर एंड इनटालरेंस पर कहा कि भारत में साहित्य में असहिष्णुता नहीं है।
साहित्य के सभी संदर्भों को गंभीरता और खुले मन से लेना चाहिए। इस मौके पर रिटायर्ड कर्नल अनिल कुमार सिंह, सीटा के निवर्तमान सेक्रेटरी प्रो. विकास शर्मा, डॉ. अजय शर्मा, डीएस शर्मा, प्रो. केके शर्मा, रश्मि सिंह, पूजा व्यास और डॉ. फरहीन ने भी विचार व्यक्त किए।
मुख्य अतिथि डीपी गुप्ता ने सीटा की सोवेनियर का विमोचन किया। अधिवेशन में 100 से ज्यादा टीचर्स भाग ले रहे हैं। अध्यक्षता अनिल कुमार और संचालन प्रो. मीनाक्षी ने किया।