अनूपशहर। डिबाई थाना क्षेत्र के बिलौना रूप बांगर के जंगलों में पांच साल पहले हुए देवेश हत्याकांड में अपर जिला व सत्र न्यायाधीश विनीत चौधरी ने आरोपी रामौतार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने हत्या और अपहरण की धाराओं में कुल 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामला 13 अक्तूबर 2021 का है, जब 25 वर्षीय ई-रिक्शा चालक देवेश घर नहीं लौटा। खोजबीन के दौरान जंगल में एक क्षत-विक्षत शव मिला। शव की हालत इतनी खराब थी कि उसे पहचानना मुश्किल था, लेकिन पिता मुकेश कुमार ने देवेश के दाहिने हाथ पर गुदे ‘’’’माता रानी’’’’ के टैटू को देखकर उसे पहचान लिया।
टैटू की इसी अमिट छाप ने पुलिस को शिनाख्त में मदद की और केस को आगे बढ़ाया। पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी को वैज्ञानिक तरीके से सुलझाया। आरोपी रामौतार की कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज ने उसकी लोकेशन घटनास्थल के पास पुख्ता की।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर बरामदगी और विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट ने कोर्ट में अभियोजन का पक्ष मजबूत किया। अदालत ने रामौतार को धारा 302 और 364 के तहत दोषी पाया। आजीवन कारावास के साथ-साथ अर्थदंड न भरने पर आरोपी को दो साल अतिरिक्त जेल काटनी होगी। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्याय मिलने पर राहत की सांस ली है।