चूहे से फैलने वाली बीमारी से बुलंदशहर के युवक की मौत
बुलंदशहर/नरसेना। चूहे से फैलने वाली बीमारी लेप्टोस्पायरोसिस से नरसेना क्षेत्र में एक युवक की मौत हो गई। वह पिछले एक माह से बुखार से पीड़ित था। दिल्ली में उपचार के दौरान कराई गई जांच के बाद लेप्टोस्पायरोसिस का पता चला था। जिले में इस तरह का यह पहला मामला है।
गांव भड़काऊ निवासी दिनेश शर्मा ने बताया कि उनका बेटे यश (19) को पिछले एक माह से बुखार आ रहा था। बुलंदशहर में उपचार कराने पर स्वास्थ्य में सुधार न होने पर दिल्ली एम्स में भर्ती कराया। जांच के दौरान चिकित्सकों ने बताया कि यश का लीवर और किडनी खराब है। चिकित्सकों ने इस दौरान जांच कराई तो पता चला कि लेप्टोस्पायरोसिस से पीड़ित है। इसी वजह से लीवर और किडनी में असर पड़ा। जो आमतौर पर चूहे के मलमूत्र के प्रदूषित जल के संपर्क में आने से फैलती है। बृहस्पतिवार रात यश ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। शुक्रवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया।
जिले में पहला मामला
लेप्टोस्पायरोसिस बीमारी से युवक की मौत होने का जिले में यह पहला मामला है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. रमित कुमार ने बताया कि लेप्टोस्पायरोसिस से पीड़ित मरीजों को तेज बुखार आना, सिरदर्द, सर्दी के साथ मांसपेशियों में दर्द होना, इसके लक्षण हैं। इसके अलावा उल्टी, दस्त, आंखें लाल हो जाना, पीलिया, जोड़ों में दर्द, थकान, ठंड लगना, दिमागी बुखार, बहरापन और सांस लेने में परेशानी आदि लक्षण होते हैं।
इन जानवरों से फैल सकती है बीमारी
पशु चिकित्सक डॉ. उमर खान ने बताया कि लेप्टोस्पायरोसिस बीमारी का संक्रमण लेप्टोस्पायरा नामक बैक्टीरिया से फैलता है। यदि कोई व्यक्ति इस बैक्टीरिया से संक्रमित जानवर के मल-मूत्र की चपेट में आता है तो इस बीमारी के चपेट में आ सकता है। यह बीमारी चूहे के अलावा गिलहरी, भैंस, घोड़े, भेड़, बकरी, सूअर और कुत्ते से भी फैल सकती है।