दूषित पानी का सच जानने के लिए एसडीएम सिकंदराबाद ने रविवार को गांवोें में पहुंचकर ओवरहेड टैंकों का निरीक्षण किया। एसडीएम ने जल निगम से पानी जांच की रिपोर्ट भी मंगाई। बता दें कि औद्योगिक क्षेत्र में बसे सात गांवों में ग्रामीण अमोनिया और नाइट्रेट तत्व की अधिकता वाला पानी पीने को मजबूर हैं।
रविवार के अंक में अमर उजाला ने दूषित पानी से प्यास बुझा रहे ग्रामीण शीर्षक से खबर प्रमुखता के साथ प्रकाशित की थी। खबर पर संज्ञान लेते हुए डीएम शुभ्रा सक्सेना ने एसडीएम सिकंदराबाद अतुल यादव और एई जल निगम को गांवों में सच का पता लगाने को भेजा। एसडीएम अतुल कुमार और एई जल निगम तिल बेगमपुर पहुंचे।
यहां पानी की टंकी से पेयजल की आपूर्ति बंद थी। पाइप लाइन क्षतिग्रस्त मिली। पानी तकनीकी रूप से ठीक होने के बावजूद ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति नहीं की गई। शेरपुर में भी तिल बेगमपुर जैसा ही हाल था। टंकी तकनीकी रूप से खराब नहीं मिली। मगर आपूर्ति एक अरसे से बंद थी। यहां भी पाइप लाइन खराब होने की शिकायत ग्रामीणों ने की।
हृदयपुर में टंकी का ट्रांसफार्मर एक अरसे से खराब पड़ा है। यहां पाइपलाइन भी पूरी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। एसडीएम अतुल यादव ने बताया कि पावर कारपेारेशन के एक्सईएन को ट्रांसफार्मर बदलवाने का आदेश दे दिया है।
सांवली में भी पाइप लाइन की खराबी की दिक्कत मिली। एसडीएम सिकंदराबाद को जल निगम ने जो रिपोर्ट दी है। वह बेहद भयावह है। इन गांवों में ग्रामीण नाइट्रेट और अमोनिया तत्व की अधिकता वाला पानी पीने को मजबूर हैं।