अनूपशहर में प्रदर्शन कर नारेबाजी करते अधिवक्ता। संवाद
अनूपशहर। तहसील अनूपशहर में भ्रष्टाचार के खिलाफ अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच की लड़ाई अब आर-पार के मूड में पहुंच गई है। पिछले 21 दिनों से तहसील के कामकाज का पूर्ण बहिष्कार कर रहे अधिवक्ताओं का गुस्सा मंगलवार सड़कों पर फूट पड़ा। बार एसोसिएशन अनूपशहर के बैनर तले वकीलों ने न सिर्फ पैदल मार्च किया बल्कि शहर के मुख्य बाजारों से होते हुए मोटरसाइकिल रैली भी निकाली। इस दौरान अधिवक्ताओं ने हाथों में एसडीएम मुर्दाबाद और तहसील प्रशासन मुर्दाबाद की तख्तियां ले रखी थीं।
बार एसोसिएशन के सचिव अमित शर्मा ने बताया कि अनूपशहर तहसील में भ्रष्टाचार चरम पर है। इसी को लेकर आज बार ऑफिस में सभी अधिवक्ताओं की बैठक हुई। बैठक में रणनीति बनाने के बाद सभी अधिवक्ता एकजुट होकर सड़कों पर उतरे। बार ऑफिस से पैदल मार्च करते हुए मुख्य चौराहे तक गए। इसके बाद अधिवक्ताओं ने मुख्य बाजार और बाईपास होते हुए वापस बार ऑफिस तक बाइक रैली निकाली। इस दौरान वकीलों ने तहसील प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अधिवक्ताओं का आरोप है कि अनूपशहर तहसील में बिना रिश्वत के कोई भी फाइल आगे नहीं बढ़ती। सचिव अमित शर्मा ने कहा कि एसडीएम ने हमें बातचीत के लिए बुलाया था लेकिन उनके अड़ियल रवैये और अफसरशाही वाले व्यवहार को देखते हुए हमने वार्ता के प्रस्ताव को तुरंत खारिज कर दिया।
अधिवक्ताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक दागी अधिकारियों का यहां से ट्रांसफर नहीं हो जाता तब तक उनकी हड़ताल और तहसील का बहिष्कार इसी तरह जारी रहेगा। अधिवक्ताओं की इस 21 दिनी हड़ताल के कारण तहसील के सारे काम ठप पड़े हैं। एसडीएम और तहसीलदार कोर्ट आदि कार्य के लिए आने वाले आम लोग रोजाना परेशान होकर लौट रहे हैं।
उधर, एसडीएम प्रियंका गोयल ने बताया कि प्रशासन अधिवक्ताओं के साथ संवाद स्थापित करने के लिए पूरी तरह तैयार है और उन्हें वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया है। वार्ता में अधिवक्ता अपनी शिकायतें लिखित या मौखिक रूप से दर्ज करा सकते हैं। उनकी शिकायत जिस भी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ हैं उन्हें वे स्पष्ट रूप से बताएं। उन सभी शिकायतों का तत्काल संज्ञान लिया जाएगा और निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।