बीमारी का पहाड़ कहर बनकर मजदूर के परिवार पर ऐसा टूटा कि घर-जमीन सब बिक गए। एक बेटे की बीमारी से मौत हो गई तो दो अपाहिज हो गए।
गरीबी के कारण बेटी का कहीं रिश्ता नहीं हो पा रहा। जैसे-तैसे हुआ तो अब दहेज की चिंता पिता को सताने लगी है। गरीब पिता ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर गुजारिश की है कि दहेज का इंतजाम करा दीजिए तो बेटी की डोली उठ जाए।
दनकौर के तुलसीनगर निवासी खजान सिंह मजदूर हैं। खजान सिंह के चार बच्चे थे। सबसे बड़ी बेटी और फिर तीन बेटे। एक बेटे की बीमारी से मौत हो गई।
बीमारी के इलाज में घर-जमीन सब बिक गए। कर्ज अलग से चढ़ गया। बाकी बचे दो बेटे कैल्शियम की कमी के कारण अपाहिज हो गए। खजान सिंह दिन भर में जितना कमाते हैं, उससे बामुश्किल परिवार का गुजारा होता है।
जैसे-तैसे बेटी की शादी गुलावठी के एक युवक से तय हुई, लेकिन बेटी के हाथ पीले करने के लिए उसके पास कुछ नहीं है। खजान सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखकर बेटी की डोली उठाने के लिए मदद की गुहार लगाई है।
खजान सिंह का कहना है कि बड़ी मुश्किल से एक रिश्ता मिला। लेकिन अब अपनी गरीबी के कारण बेटी की शादी करने में असमर्थ हैं।
खजान सिंह ने बताया कि बेटी की शादी 24 फरवरी गुलावठी निवासी धर्मवीर पुत्र ओमपाल सिंह से होनी है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगाई है।