बुलंदशहर/चोला। नैथला हसनपुर निवासी क्षमा शर्मा हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी सलीम को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। मामले में अब पुलिस केस से जुड़े सभी फोन रिकॉर्ड्स खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्षमा और आरोपी सलीम के बीच कब से बातचीत चल रही थी और वे कितने समय से साथ थे। इसी बीच, एसएसपी ने क्षमा की गुमशुदगी दर्ज होने के बाद मामले में लापरवाही बरतने पर संबंधित दरोगा असलम को निलंबित कर दिया है। पुलिस का मानना है कि हत्याकांड में सलीम के परिवार के सदस्य भी शामिल थे, जिसके चलते उसकी हापुड़ निवासी बहन रुखसाना को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
नैथला हसनपुर निवासी क्षमा शर्मा का शव एक दिसंबर को वलीपुर नहर में मिला था। पुलिस ने जांच के दौरान पीरवाली गली, मामन चौकी निवासी सलीम को गिरफ्तार किया। आरोप है कि सलीम ने प्रेम जाल में फंसाकर
क्षमा की हत्या की। सीओ भास्कर कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस क्षमा और सलीम के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और चैट रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है। इन रिकॉर्ड्स से यह स्पष्ट हो पाएगा कि दोनों के बीच यह संबंध कब शुरू हुआ, हत्या से पहले और बाद में दोनों ने किन-किन लोगों से संपर्क किया, और वारदात को अंजाम देने का षड्यंत्र कब रचा गया।
क्षमा की गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की थी, जिससे क्षमा को खोजने में देरी हुई। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से संबंधित दरोगा को निलंबित कर दिया है। जांच के दौरान खुलासा हुआ है कि आरोपी सलीम का भाई समीर, हापुड़ निवासी बहन रुखसाना और बहनोई अरशद भी पूरे षड्यंत्र में शामिल थे। इन सभी को घटना की जानकारी थी और ये वारदात के बाद सलीम को बचाने की कोशिश कर रहे थे। संलिप्तता पाए जाने पर इन सभी के नाम एफआईआर में शामिल किए गए हैं। पुलिस ने हापुड़ निवासी आरोपी रुखसाना को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। पुलिस अब फरार चल रहे आरोपी भाई समीर और बहनोई अरशद की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।