अनूपशहर में भागवत कथा सुनाते कथा वाचक। संवाद
अनूपशहर। अग्रसेन भवन में भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक पं. सुरेश चंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण के दशम स्कंध की बाल लीलाओं का जीवंत वर्णन किया। उन्होंने पूतना वध, शकटासुर वध, अघासुर वध सुनाकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कथा के मुख्य आकर्षण गोवर्धन लीला के दौरान पूरा पंडाल राधा-राधा के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर नाचने-झूमने लगे। कहा कि भागवत जीवन जीने की कला है। इसमें जीवन का संपूर्ण सार तत्व मौजूद है।
आवश्यकता सिर्फ निर्मल मन और स्थिर चित्त से इसे सुनने की है। इसके बाद श्रद्धालुओं ने गोवर्धन पूजा-अर्चना की और परिक्रमा लगाई। तेरे माथे मुकुट विराजे भजन के साथ छप्पन भोग लगाकर महाआरती की गई।