बुलंदशहर। नौ वर्ष पूर्व एक किशोरी को बहला-फुसलाकर अगवा करने के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया है। न्यायालय एफटीसी- द्वितीय के न्यायाधीश मनोज कुमार ने दोषी को चार वर्ष के कारावास और 15,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
वर्ष 2016 में छतारी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी तेजवीर उर्फ तेजा ने एक किशोरी को बहला-फुसलाकर अगवा करने की वारदात को अंजाम दिया था। इस संबंध में परिजनों की तहरीर पर 12 नवंबर 2016 को थाना छतारी में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से अवैध असलहा और कारतूस भी बरामद किया था, जिसके चलते उस पर शस्त्र अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई थी।
अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 8 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए और साक्ष्य भी प्रस्तुत किए गए। गवाहों की गवाही और पुलिस के मजबूत साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने पाया कि अभियुक्त ने न केवल अपहरण किया, बल्कि कानून की मर्यादाओं को भी चुनौती दी।