दो विभागों के बीच में फंसी खत्रीवाड़ा की पानी टंकी
सिकंदराबाद। नगर की जलापूर्ति को बेहतर बनाने के लिए खत्रीवाड़ा में बनाई गई 2500 किलो लीटर क्षमता की पानी टंकी दो विभागों के बीच में फंसकर रह गई है, जिससे नगरवासियों की बेहतर जलापूर्ति मिलने की उम्मीद अधर में लटकी हुई है। नगर की एक लाख से अधिक आबादी पर जलापूर्ति के पर्याप्त संसाधन नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बता दें कि नगर की एक लाख से अधिक की आबादी पर जलापूर्ति के लिए नगर पालिका स्थित 11 सौ किलो लीटर, रामपुरा स्थित 2000 किलो लीटर की दो पानी की टंकी है। इसके अलावा पालिका द्वारा विभिन्न स्थानों पर पांच ट्यूबवेल लगाए हैं। वर्ष 2017 में खत्रीवाड़ा में तीन करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाली 2500 किलो लीटर पानी की टंकी का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। निर्माणाधीन स्थल पर विवाद होने और मामले के कोर्ट में चले जाने के कारण दो साल तक टंकी के निर्माण का कार्य रुका रहा। कोर्ट की अनुमति के बाद निर्माण कार्य दोबारा प्रारंभ हुआ। अब जबकि टंकी का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। उसके बाद भी नगरवासियों को जलापूर्ति नहीं मिल पा रही है। नगर की एक लाख से अधिक आबादी को 1100 किलोलीटर, 2000 किलोलीटर की दो पानी की टंकियों, पांच ट्यूबवेल से ही कार्य चलाना पड़ रहा है। नगर के लोगों का कहना कि बहुत से क्षेत्रों में तो महीनों से पानी ही नहीं आया।
अभी जलनिगम द्वारा टंकी पालिका को हैंडओवर नहीं किया गया है। जब तक टंकी को पालिका के हैंडओवर नहीं किया जाता तब तक टंकी के संचालन की जिम्मेदारी जल निगम की है।
बिजेंद्र सिंह, जलापूर्ति इंचार्ज नगर पालिका सिकंदराबाद
टंकी का निर्माण कार्य अधिकांश पूर्ण हो चुका है। केवल बाउंड्रीवाल का कार्य शेष है। जितना कार्य पूर्ण हो चुका है उसे पालिका के हैंडओवर कर दिया गया है। वहीं पालिका को बार-बार पत्र लिखने के बाद भी बाउंड्रीवाल के लिए भूमि का चिन्हांकन नहीं किया जा रहा है। जिससे बाउंड्रीवाल का कार्य पूर्ण नहीं हो पा रहा है। टंकी चालू हालत में है। पालिका टंकी को संचालित कर सकती है।
= राजकुमार, जेई जल निगम
इनसेट =
क्या कहते हैं स्थानीय लोग
जब से गर्मी शुरू हुई है, मोहल्ले में जलापूर्ति नहीं हुई है। भीषण गर्मी में पानी के नहीं आने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
- देवेंद्री देवी खत्रीवाड़ा
एक-डेढ़ महीने से सुबह समय बहुत कम समय के लिए कभी कगार टंकी में पानी आ जाता है। वहीं प्रेशर भी बहुत कम होता है। पानी के लिए हैंडपंप पर जाना पड़ता है।
- मुन्नी देवी, खत्रीवाड़ा
खत्रीवाड़ा में पानी की टंकी के निर्माण से नगरवासियों को पानी को लेकर होने वाली समस्या से निजात मिलने की आश जगी थी। मगर दो विभागों की लापरवाही ने नगर के लोगों की उम्मीद पर पानी फेर दिया है।
- देशराज सिंह, खत्रीवाड़ा
लोगों को बेहतर जलापूर्ति के लिए जल निगम के जेई, पालिका के जलापूर्ति इंचार्ज, एसडीएम से शिकायत करते हुए टंकी को चालू काराने की मांग की। मगर शिकायत के बाद भी पानी की टंकी को चालू नहीं किया गया।
- कपिल गौतम, सभासद