बुलंदशहर। कांवड यात्रा की निगरानी इस बार पूरी तरह से डिजिटल होगी। कांवड़ मार्गों और प्रमुख मंदिरों, घाटों पर होने वाली हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखने के लिए 1226 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। वहीं, मुख्यालय के अलावा जनपद के सातों सर्किल समेत गंगा घाटों मंदिरों पर 13 कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। ड्रोन कैमरों से भी कांवड़ यात्रा की निगरानी की जाएगी।
एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि जनपद में कांवड़ मार्गों पर पूर्व में ही करीब दो हजार सीसीटीवी कैमरे लगे हुए है। इसके अलावा कांवड़ मार्गों, प्रमुख मंदिरों और घाटों पर 1226 और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जिनमें 150 आईपी कैमरे और 59 एएनपीआर कैमरे लगाए गए हैं।
आईपी कैमरों से कंट्रोल रूम से कांवड़ मार्गों, प्रमुख मंदिरों, घाटों की कंट्रोल रूम से सीधे निगरानी की जाएगी। वहीं, एएनपीआर कैमरों से प्रतिबंधित कांवड़ मार्ग पर वाहनों के प्रवेश करने पर वाहन चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी। कांवड़ यात्रा के लिए जनपद को पांच सुपर जोन, 19 जोन और 59 सेक्टर में बांटा गया है।
इन स्थानों पर बनाए गए कंट्रोल रूम
1. जनपद मख्यालय
2. जनपद के सर्किल क्षेत्र शिकारपुर, अनूपशहर, डिबाई, स्याना, खुर्जा, सिकंदराबाद, सिटी में कंट्रोल रूम बनाया गया है।
3.मस्ताराम घाट अनूपशहर, नरौरा में रामघाट, राजघाट, अहार में अवंतिका देवी घाट, अंबकेश्वर मंदिर,कर्णवास पर भी कंट्रोल रूप बनाया गया है।
यह होगी पुलिस की व्यवस्था
1. नौ क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी
2. तीन एएसपी स्तर के अधिकारी
3. 2500 से 3000 हजार पुलिसकर्मी
ड्रोन से भी होगी निगरानी
कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ मार्ग के अंतर्गत आने वाले सभी थानों क्षेत्रों में कांवड़ मार्गों की निगरानी के लिए ड्रोन की व्यवस्था की गई है। वहीं, जनपद के आठ घाटों और दस मंदिरों की भी ड्रोन से निगरानी की जाएगी।
घाटों पर तैनात रहेंगे गोताखोर, फ्लट टीम
बुलंदशहर। कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए जनपद के सभी आठ घाटों पर शिवभक्तों की सुरक्षा को लेकर बैरिकेडिंग की गई है। वहीं, घाटों पर नाव के अलावा गोताखोर और फ्लट टीम भी तैनात रहेगी। जिससे आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
वहीं, कांवड़ियों की सहायता के लिए सभी कांवड़ मार्गों पर कांवड़ समितियों का गठन किया गया है। कांवड़ समितियां यात्रा के दौरान कांवड़ियों की सहायता करेगी। कांवड़ियों के जत्थों का थाने पर रखा जाएगा रिकार्ड। कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ मार्ग से होकर गुजरने वाले जत्थों को आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाने के लिए उनका थानों में रिकार्ड रखा जाएगा।
जिसके लिए थानों में एक रजिस्टर बनाया गया है। जिसमें जत्थे के मार्ग उनके साथ चलने वाले डीजे का विवरण के अलावा अन्य जानकारी दर्ज की जाएगी। वहीं, पुलिस धर्म गुरुओं से भी बराबर संवाद कर रही है।
अराजकतत्वों की हो रही निगरानी
कांवड यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए कांवड़ मार्ग के अंतर्गत आने वाले थाना क्षेत्र के अराजक तत्वों की भी बराबर निगरानी की जा रही है। पुलिस ऐसे लोगों को थाने बुलाकर पूछताछ कर रही है। वहीं, उनकी गतिविधि पर भी बारीकी से नजर रखी जा रही है।
कांवड़ मार्ग पर भारी, हल्के वाहनों को रोकने के लिए 17 स्थानों पर किया डायवर्जन
-डायवर्जन प्वाइंट पर ट्रैफिक पुलिस के अलावा, सिविल पुलिस की भी रहेगी तैनाती
-62 स्थानों पर लगाए जाएंगे बैरियर
संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। सावन में 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस ने ट्रैफिक प्लान तैयार कर लिया है। जनपद में 31 जुलाई की सुबह आठ बजे से 25 अगस्त की रात दो बजे तक डायवर्जन व्यवस्था लागू रहेगी। कांवड़ यात्रा के अलावा सावन के चारों सोमवार पर भी जनपद में डायवर्जन लागू किया गया है।
एसपी यातायात एवं एसपी सिटी अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि डायवर्जन के दौरान कांवड़ मार्गों पर भारी और हल्के वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए जनपद में 17 स्थानों पर डायवर्जन प्वाइंट बनाए गए हैं। सभी डायवर्जन प्वाइंट पर ट्रैफिक पुलिस के अलावा सिविल पुलिस की भी तैनाती रहेगी।
वहीं, वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए 62 स्थानों पर बैरियर भी लगाए जाएंगे। बैरियर पर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी। डायवर्जन के दौरान ट्रक, डंपर, ट्रैक्टर-ट्राली, रोडवेज और निजी बसों समेत भारी वाहनों का संचालन कांवड़ मार्ग पर पूर्णतय: प्रतिबंधित रहेगा। अधिकांश भारी वाहनों को गंगा एक्सप्रेसवे और अन्य वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा।
इन स्थानों पर रहेगा डायवर्जन
बुलंदशहर में अडौली तिराहा, भूड़ चौराहा, महाराणा प्रताप कट, ब्रहमानंद तिराहा, जैनपुर तिराहा, कालाआम चौक, अनूपशहर अड्डा, शिकारपुर तिराहा, सिकंदराबाद में दनकौर तिराहा, गुलावठी फ्लाईओवर, गुलावठी में हाफिजपुर बार्डर, अनूपशहर में बुलंदशहर अड्डा, बिबयाना, गंगापुल चौकी, डिबाई में भीमपुर दोराहा, नरौरा में हामिद चौराहा, गंगा बैराज से डायवर्जन किया जाएगा।