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उद्योगों के लिए नासूर बना लुहारसी टोल प्लाजा का जाम

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टोल प्लाजा पर लगा जाम। - फोटो : SIKANDRABAD
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उद्योगों के लिए नासूर बना लुहारसी टोल प्लाजा का जाम
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सिकंदराबाद। राष्ट्रीय राजमार्ग 91 पर स्थित लुहारली स्थित टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र के लिए नासूर बन गया है। आम आदमी ही नहीं उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारी और यहां के माल वाहक वाहनों को हर दिन घंटों इस जाम का सामना करना पड़ता है। समय से माल न पहुंच पाने के कारण कई बार उद्योगों में उत्पादन भी प्रभावित होता है। इससे उनको नुकसान उठाना पड़ता है। उद्यमियों का कहना है कि उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री, औद्योगिक विकास मंत्री, एनएचएआई और स्थानीय प्रशासन को पत्र भेजकर जाम से निजात दिलाने की मांग की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उद्यमियों का कहना है कि यदि समस्या इसी तरह बनी रही तो वह दिन दूर नहीं जब यहां उद्योग चलाना मुश्किल हो जाएगा।
सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र में छोटी बड़ी 300 से अधिक औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। जिनमें मुख्य रूप से सीमेंट, स्टील, टाइल्स, पेंट, पाइप, पेस्टीसाइड, साबुन एवं सर्फ आदि की इकाइयां शामिल हैं। यहां बड़ी संख्या में कर्मचारी काम करते हैं। साथ हर दिन बड़ी संख्या में बाहर से ट्रक यहां कच्चा माल लेकर आते हैं और यहां से तैयार माल लेकर जाते हैं। उद्यमियों ने बताया कि टोल प्लाजा पर जाम की समस्या के कारण कंपनी के कर्मी समय पर नहीं पहुंच पाते हैं। वहीं, कंपनी में आने वाला कच्चा माल और कंपनी से जाने वाले तैयार माल के वाहन भी जाम में फंसने के कारण समय पर गंतव्य पर नहीं पहुंच पाते हैं। कर्मचारियों के समय से नहीं पहुंचने पर उनका उत्पादन प्रभावित होता है। जिससे औद्योगिक इकाइयों को नुकसान उठाना पड़ता है। बताया कि फैक्टरियों से जुड़े अधिकांश कर्मचारियों ने अपने वाहनों पर फास्टैग लगवा रखा है। मगर वह फिर भी टोल पर हर रोज घंटों जाम का झाम झेलते हैं। बताया कि कंपनियों के प्रबंधन ने एसोसिएशन के माध्यम से सीएम, औद्योगिक विकास मंत्री, एनएचएआई, स्थानीय प्रशासन के समक्ष कई बार टोल पर लगने वाले जाम से निजात दिलाने की मांग उठाई। मगर कोई समाधान नहीं हुआ।
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बता दें कि टोल पर लगने वाले जाम की समस्या के समाधान और अपेक्षाकृत टोल वसूली के लिए गत वर्ष दिसंबर में फास्टैग व्यवस्था लागू की गई थी। मगर फास्टैग व्यवस्था को लागू हुए एक वर्ष से अधिक का समय होने के बावजूद भी हालात जस के तस है। टोल प्लाजा के मैनेजर अमरेंद्र कुमार झा ने बताया कि कुछ तकनीकी कारणों से कभी-कभी जाम की स्थिति बन जाती है लेकिन टोल प्रशासन हमेशा वाहनों के सुचारु आवागमन में लगा रहता है।
टोल प्लाजा पर आए दिन लगने वाले जाम के कारण कर्मचारी समय पर नहीं पहुंच पाते। समस्या के समाधान के लिए सीएम, औद्योगिक विकास मंत्री को पत्र भी लिखा। मगर समाधान नहीं हुआ। - अमित कौशल, जीएम श्री सीमेंट एवं महासचिव इंडियन इंडस्ट्रियल एसोसिएशन सिकंदराबाद चेप्टर
टोल पर लगने वाले जाम से उद्योग बंधु परेशान है। डीएम के साथ उद्योग बंधुओं की बैठक में कई बार मुद्दे को उठाया गया। मगर कोई समाधान नहीं हो सका। - संदीप अग्रवाल, अध्यक्ष सिकंदराबाद इंडस्ट्री वेलफेयर सोसायटी
आए दिन टोल पर जाम में फंसने के कारण जहां उन्हें परेशानी होती है, वहीं, घंटों लाइन में खड़ा होने से व्यर्थ में डीजल फूंकने के कारण आर्थिक नुकसान भी होता है। - शरद टंडन, सचिव सिकंदराबाद इंडस्ट्री वेलफेयर सोसायटी
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टोल पर लगने वाले जाम के कारण अधिकारियों, कर्मचारियों के समय पर नहीं पहुंचने के कारण उत्पादन प्रभावित होता है। जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। - हेमचंद्र तिवारी, महाप्रबंधक गुडलक इंडिया लिमिटेड
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