वहीं पूरे दिन जिले में जगह-जगह जाम की स्थिति बनी रही। सबसे अधिक दिक्कत बुलंदशहर, खुर्जा और सिकंदराबाद में हुई। घंटों जाम में फंसे वाहन चालकों और यात्रियों को काफी परेशानी हुई। जाम के चलते बहनों और उनके साथ पति आदि परिजनों को भी दिक्कतें उठानी पड़ीं। हालांकि पुलिस कई जगह तैनात रही, मगर जाम खुलवाने में पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए।
भैयादूज पर बहनें भाई के घर पहुंचने के लिए सुबह से ही घरों से निकल पड़ी थी। अधिकतर बहनें अपने वाहन जैसे बाइक, स्कूटर, स्कूटी और कार से निकली तो कुछ ने बसों व डग्गारमार वाहनों का सहारा लिया। सड़कों पर वाहनों की संख्या इतनी अधिक हो गई कि जाम की स्थिति बनने लगी। ऐसे में जाम में फंसे वाहनों को आगे बढ़ाने के लिए काफी समय तक इंतजार भी करना पड़ा।
गुलावठी में हाईवे 235 पर मंगलवार को सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक ट्रैफिक जाम रहा। रोड पर वाहनों की चार-चार लाइन बन गई थी। जाम खुलवाने के लिए पुलिस के प्रयास भी नाकाफी रहे। समाचार भेजे जाने तक ट्रैफिक जाम पूरी तरह नहीं खुल सका था। इसी तरह बुलंदशहर में हाइवे पर भी वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण वाहनों की गति कम रही। बदायूं बाईपास पर सबसे अधिक जाम की स्थिति देखी गई।
पुलिस जाम खुलवाती और जैसे ही थोड़ा हट जाती तो फिर वाहनों की लंबी लाइन लग जाती। जाम की स्थिति शिकारपुर बाईपास, अनूपशहर बस अड्डा, भूड़ रोड और काली नदी रोड पर जाम की स्थिति बनी रही। इसी तरह डिबाई, पहासू, आहार, जहांगीराबाद, स्याना, बीबीनगर, नरौरा, बुगरासी, अनूपशहर, शिकारपुर और औरंगाबाद क्षेत्र में भी जाम से लोग परेशान हुए।
खुर्जा नगर के के बस अड्डा, सिकंदराबाद रोड, जेवर अड्डा, जक्शन रोड आदि पर वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण जाम लगने से वाहनों की लंबी-लंबी लाइन लगी रही। हालांकि पुलिस ने जाम को खुलवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, मगर जाम के चलते सभी को दो-चार होना पड़ा। गनीमत यह रही कि हाइवे पर जाम नहीं लगा और वाहन चालकों को राहत मिली।
सिकंदराबाद में नगर के साथ हाईवे पर वाहनों का काफी दबाव बढ़ गया। जाम से निपटने के लिए हाईवे-91 पर पीसीआर के अलावा फैंटम पुलिसकर्मी गश्त करते रहें। मुख्य चौराहाें पर ट्रैफिक पुलिस के अलावा सिविल पुलिस भी तैनात की गई थी। नगर से होकर गुजरने वाले भारी वाहनों को बाईपास से निकाला गया।