प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। ग्रामीण क्षेत्र के एक साधारण किसान के बेटे ने घर में ही बिजली से चलने वाली ट्रेन बनाई है। यह ट्रेन जब चलती है तो उसमें सिग्नल, फाटक सभी गिरते हैं। आईटीआई की पढ़ाई कर रहे छात्र का प्रोजेक्ट अब कॉलेज में जमा किया जाएगा और छात्र को सम्मानित भी किया जाएगा।
अनूपशहर क्षेत्र के गांव खालौर निवासी मोहम्मद निजाम खान पुत्र असगर खान अमरगढ़ स्थित आईटीआई कॉलेज से फीडर ट्रेड से प्रथम वर्ष का छात्र है। निजाम ने आठ माह में फालतू पड़े सामानों से एक ट्रेन तैयार की है।
एक इंजन और एक डब्बे की इस रेल के लिए घर में ही 11 फीट लंबी और पांच इंच चौड़ी पटरी बिछाई गई है। 11 फीट लंबी पटरी में बकायदा फाटक और सिग्नल भी लगाए गए हैं। यह ट्रेन बिजली से चलती है और आपूर्ति के लिए ट्रेन के उपर बिजली का एक तार लगाया गया है।
छात्र का यह प्रोजेक्ट लोगों को काफी पसंद आ रहा है। यह प्रोजेक्ट अब कॉलेज में लगाया जाएगा। इसके अलावा छात्र को सम्मानित भी किया जाएगा। ग्राम प्रधान दीपक शर्मा ने बताया कि बेहद साधारण परिवार के इस छात्र ने फालतू पड़े सामानों से रेल तैयार की है। छात्र का प्रोेजेक्ट कॉलेज में लगाया जाएगा, ताकि अन्य बच्चे इससे प्रेरणा लें।