जहांगीराबाद। सरकारी अभिलेखों में एक जीवित बुजुर्ग को मृत दर्शाकर उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद किए जाने का मामला प्रकाश में आने के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है।
मामला सामने आने पर उपजिलाधिकारी ने नगर पालिका परिषद से पूरे प्रकरण की जानकारी ली। साथ ही जांच के बाद पात्र व्यक्ति की पेंशन शीघ्र बहाल कराने का आश्वासन दिया है।
नगर के वार्ड संख्या 14 स्थित मोहल्ला रेगनग्राम निवासी करीब 70 वर्षीय राजकुमार की वृद्धावस्था पेंशन कई माह से बंद चल रही है। पेंशन रुकने का कारण जानने पर उन्हें पता चला कि विभागीय अभिलेखों में उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया है। इसके चलते उनकी वृद्धावस्था पेंशन स्वतः बंद हो गई।
राजकुमार का कहना है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अपने जीवित होने के प्रमाण भी उपलब्ध कराए, लेकिन अब तक उनकी पेंशन शुरू नहीं हो सकी है।
मामला सार्वजनिक होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है। उपजिलाधिकारी प्रियंका गोयल ने बताया कि उन्हें इस संबंध में मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है। उनके कार्यालय में अभी तक कोई प्रार्थना पत्र प्राप्त नहीं हुआ है, फिर भी मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिका परिषद से पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।
उन्होंने कहा कि अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी। यदि रिकॉर्ड में किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है तो उसे तत्काल ठीक कराया जाएगा और पात्र व्यक्ति की वृद्धावस्था पेंशन पुनः शुरू कराई जाएगी। साथ ही लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदार कर्मियों के विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उधर, मामला चर्चा में आने के बाद क्षेत्र के लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि सरकारी योजनाओं से जुड़े अभिलेखों का नियमित सत्यापन कराया जाए, ताकि किसी पात्र व्यक्ति को तकनीकी या मानवीय त्रुटि के कारण योजनाओं के लाभ से वंचित न होना पड़े।
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कोट
इस मामले की जानकारी मिली है। नगर पालिका परिषद से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगी गई है। जांच में यदि अभिलेखों में कोई त्रुटि पाई जाती है तो उसे तत्काल ठीक कराते हुए पात्र व्यक्ति की वृद्धावस्था पेंशन शीघ्र शुरू कराई जाएगी। - प्रियंका गोयल, एसडीएम अनूपशहर