बुलंदशहर। जिले में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा। इसके लिए 400 महिलाओं को आइसीआरपी यानि आंतरिक सामुदायिक संसाधन व्यक्ति (आंतरिक सामुदायिक रिसोर्स पर्सन) के लिए नियुक्त किया गया है। यह स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के ज्ञान और कौशल काे निखारने का काम करेंगी। उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन की ओर से चयनित महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रह है।
जिले में 13 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे हजारों महिलाएं जुड़ी हैं। इनमें काफी महिलाएं स्वरोजगार कर रही हैं तो काफी महिलाएं बेरोजगार हैं। बेरोजगार महिलाओं में स्वरोजगार करने का जज्बा भी है लेकिन सही जानकारी नहीं होने की वजह से कारोबार नहीं कर पा रहीं हैं।
इनके लिए स्वरोजगार की राह आसान करने के लिए अब उप्र ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 400 महिलाओं की आइसीआरपी के लिए नियुक्ति की गई है। मिशन उपायुक्त स्वत: रोजगार सूबेदार सिंह ने बताया कि आंतरिक सामुदायिक संसाधन व्यक्ति समुदाय के भीतर आंतरिक समर्थन प्रणाली बनाते हैं।
जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं और अपने समुदायों के विकास में योगदान करती हैं। यह महिलाओं काे दुग्ध उत्पादन, ब्यूटी पार्लर, जैविक सब्जी एवं अन्न उत्पादन तथा रोजगार करने की जानकारी देंगी। सरकारी योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ उठाने की जानकारी देने का कार्य भी करेंगी।
बताया कि प्रशिक्षित होने के बाद महिलाएं स्वयं सहायता समूहों का गठन करने के लिए गांव-गांव सर्वे करने में जुटेंगी। इसके साथ स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम करेंगी। चयनित सभी चयनित आंतरिक सामुदायिक संसाधन व्यक्ति को ब्लॉक लखावटी में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।