बुलंदशहर। खेत में भरे नाले के पानी में डूबने से रविवार को दोस्तपुर गांव में ढाई साल की बच्ची की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि खेत में करीब ढाई फुट पानी भरा हुआ है। पानी निकासी के लिए कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। हादसे के बाद से परिवार में मातम पसरा हुआ है।
राशन डीलर भूपेंद्र सिंह की ढाई वर्षीय बेटी ऋषिका घर के बाहर खेल रही थी। परिवार का कहना है कि आधे घंटे बाद उन लोगों ने देखा तो बच्ची नहीं दिखी। इसके बाद उसकी तलाश शुरू हुई। काफी देर तक इधर-उधर भटकते रहे। परिवार के साथ मोहल्ले के लोग भी खोजने में लगे थे। लगभग दो घंटे तक जब कोई सुराग नहीं लगा तो किसी ने खेत में भरे पानी में खोजने की सलाह दी। इसके बाद एक व्यक्ति पानी में कूदकर खोजना शुरू किया तो बच्ची के पैर दिखाई दिए।
जब बच्ची को पानी से निकाला गया तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इकलौती बेटी का शव मिलने पर परिजनों में हाहाकार मच गया। गांव निवासी शेरपाल सिंह, विनोद कुमार का कहना है कि गई बार शिकायत की गई लेकिन पानी की निकासी के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। पानी निकासी के उचित इंतजाम न होने के कारण घरों के सामने खाली पड़े खेतों में दो से ढाई फुट तक पानी भरा हुआ है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि बच्ची सभी की दुलारी थी। उसकी मौत से पूरा मोहल्ला सुनसान हो गया है।
मृतक बच्ची के पिता भूपेंद्र सिंह ने बताया कि करीब 12 साल से गांव के नाले की सफाई के लिए कदम नहीं उठाए गए। नाला ऊंचा होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती। इससे गांव के किनारे खेतों में पानी भरा रहता है। बारिश में स्थिति और भयानक हो जाती है। भूपेंद्र ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल के साथ तहसील और डीपीआरओ कार्यालय में भी पानी निकासी नहीं होने पर शिकायत की थी। इसके बावजूद समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ।
घरों में आ रही सीलन, लोग परेशान
गांव निवासी सुमित कुमार ने बताया कि लगातार जलभराव होने से फसल भी बर्बाद हो रही है। नाले के पानी की निकासी न होने से वह खेतों में भरा रहता है। बारिश होने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। किसानों की कई बीघा धान की फसल बर्बाद हो गई। गांव के पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि मकानों की दीवारों में भी सीलन आ रही है। प्लास्टर झरने लग गया है। यदि शीघ्र ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कई मकान गिर सकते हैं।
नाला सफाई के लिए डीपीआरओ से मिलेंगे ग्रामीण
गांव में जल निकासी के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने और नाले की समय पर सफाई न होने से परेशान गांव के लोग सोमवार को डीपीआरओ से मिलकर समस्या से अवगत कराएंगे। वहीं, गांव के प्रधान ओमप्रकाश का कहना है कि गांव में पानी की निकासी हो रही है। बारिश अधिक होने के कारण कुछ खेतों में पानी भर गया है। यह एक हादसा था, जिसमें एक छोटी बच्ची की मौत हो गई।