बुलंदशहर। जिले की सीमा से होकर गुजर रहे गंगा एक्सप्रेस वे के किनारे अब औद्योगिक क्षेत्र बनाया जाएगा। इसके लिए शासन ने यूपीआईडीए (उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण) को योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एक्सप्रेस वे के किनारे स्थित सरकारी जमीन को खाली कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
मेरठ से प्रयागराज का सफर सुगम बनाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से गंगा एक्सप्रेस वे का निर्माण कराया जा रहा है। स्याना तहसील के गांव पोटा कबूलपुर, कुचेसर, बेनीपुर, हिंगवाड़ा, लाड़पुर, इकलेडी, बीहटा से कुल 123 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। एक्सप्रेस वे निर्माण के बाद जहां इलाहाबाद आना-जाना आसान होगा, वहीं अब सरकार की ओर से एक्सप्रेस वे के किनारे औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की तैयारी की जा रही है। शासन के निर्देश पर अधिकारी औद्योगिक क्षेत्र के लिए आवश्यक जमीन, सरकारी जमीन की उपलब्धता, दायरे में आने वाली निजी जमीन समेत अन्य जानकारी एकत्रित करने के निर्देश दिए हैं।
हाल में ही जिले में हुआ था 36 हजार करोड़ का एमओयू
इन्वेस्टर्स समिट के दौरान मार्च माह में जिले में 76 हजार करोड़ के निवेश के लिए एमओयू हुआ था। सिकंदराबाद और खुर्जा औद्योगिक क्षेत्र में जमीन अधिक महंगी और अन्य क्षेत्रों में जमीन की उपलब्धता न होने के कारण 40 हजार करोड़ के निवेश का एमओयू करने वाले वेल्सपन ग्रुप ने निवेश से हाथ खींच लिए थे। इसके अलावा अन्य निवेशकों को भी अभी तक जमीन नहीं मिल सकी है। ऐसे में गंगा एक्सप्रेस वे के किनारे औद्योगिक क्षेत्र बसाने की योजना से उद्यमियों को राहत मिलेगी।
शासन की ओर से गंगा एक्सप्रेस वे के किनारे औद्योगिक क्षेत्र बसाने की तैयारी है। इसके लिए निर्देश मिले हैं, लेकिन कार्रवाई शासन की ओर से ही की जा रही है। जमीन अधिग्रहण या सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए निर्देश मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - आरसी मोघा, एक्सईएन, उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण