खुर्जा। कम समय के लखपति बनने के लालच में नौवीं फेल मुबीन गिरोह में मुनीम बन गया था। सरगना सुनील से नकली नोट लेकर आता और 12वीं पास अंकित को देता था। अंकित का कार्य नोटों को बाजार में खपाना था। अधिक से अधिक देहात क्षेत्र नोटों को खपाया जा रहा था।
एसपी देहात डॉ. तेजवीर सिंह ने बताया कि मुबीन ने नौवीं में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। अंकित 12वीं पास है। गिरोह का सरगना सुनील पुलिस से बचने के लिए गाजियाबाद, बुलंदशहर व अन्य जगहों पर नोट की छपाई करता था। सीकरा गांव निवासी मोहित भी उसके संपर्क में था। मोहित ने ही अपने गांव में रहने वाले मुबीन को कम समय में लखपति बनने का लालच दिया और गिरोह में शामिल कर लिया।
मुबीन को नोट लेकर जाने और अंकित को देने की जिम्मेदारी दी गई। नोट का सारा हिसाब मुबीन ही रखता था। अंकित इन नोटों को गड्डी में शामिल कर बाजारों में खरीदारी करने या किसी ग्रामीण को बड़े नोट (500-500) के बदले नकली नोट (100 व 200 के) दे देता था। पुलिस को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में नकली नोटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसको लेकर पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुट गई थी।
कई जिलों में सक्रिय होने का अनुमान
सीओ खुर्जा पूर्णिमा सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि यह लोग प्रिंटर व नकली नोट लेकर गाजियाबाद जा रहे थे। इसी तरह पूर्व में बुलंदशहर के कई क्षेत्र में भी इस तरह नोट को चला चुके हैं। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि आरोपी गिरोह कई जिलों में सक्रिय था, जिसकी जांच की जा रही है।
एक सीरीज की बना देते थे कई कॉपी
एसपी देहात ने बताया कि आरोपी एक असली नोट की 50 से अधिक कॉपी तैयार करते थे। इसी तरह असली नोट की गड्डी की कई कॉपी बना देते थे। सभी नोटों की सीरीज अलग-अलग तैयार होती थी, जिससे आसानी ने पकड़ में न आएं।
एनआईए को दी गई जानकारी
एसपी देहात ने बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को मामले की जानकारी दी गई है। एजेंसी की ओर से इस मामले में कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जल्द से जल्द मुख्य आरोपियों के साथ अन्य तथ्यों का भी खुलासा किया जाएगा।