बुलंदशहर। अगौता थाना क्षेत्र के एक गांव में अपनी ननिहाल में अपनी मां और दो छोटी बहनों के साथ रह रही युवती के साथ वर्ष 2018 में उसी के पिता ने घर में घुसकर दुष्कर्म की वारदात की थी। साथ ही इस वारदात में पीड़िता की सौतेली मां ने भी उस पर तमंचा तानकर दुष्कर्म की वारदात में उसके पिता की मदद की थी।
मामले में अब एडीजे, एफटीसी प्रथम हरिकेश कुमार के न्यायालय ने अभियुक्त पिता को दोषी करार दिया है। साथ ही उसे 15 वर्ष का कारावास और 45 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है, जबकि आरोपी सौतेली मां का हाईकोर्ट से स्टे होने पर उसकी फाइल पृथक चल रही है।
वादी मुकदमा पीड़िता ने एक अगस्त 2018 को अगौता थाने में दी तहरीर में बताया था कि वह मूल रूप से हापुड़ जनपद के थाना धौलाना क्षेत्र के एक गांव की निवासी है। अगौता के एक गांव में उसकी ननिहाल है।
पीड़िता के पिता ने हसीना नाम की एक महिला से दूसरा निकाह किया था। इसके बाद से पीड़िता की मां अपने मायके में आकर रहने लगी थी, जबकि पीड़िता व उसकी दो छोटी बहनें अपने पिता के घर पर ही रहती थीं। आरोपी पिता दूसरे निकाह के बाद से सौतेली मां के दबाव में आकर पीड़िता पर भी गलत नजर रखता था।
आए दिन आरोपी पिता पीड़िता के साथ अभद्रता और अश्लील हरकतें करता था। इसी से तंग आकर पीड़िता अपनी ननिहाल में आकर रहने लगी थी। आरोप है कि 31 जुलाई 2018 को पीड़िता अपने ननिहाल में अकेली मौजूद थी। तभी आरोपी पिता बाइक पर पीड़िता की सौतेली मां के साथ वहां पहुंच गया।
जहां, आरोपी सौतेली मां ने पीड़िता के सीने पर तमंचा रखकर धमकाया कहा कि यदि शोर मचाया तो गोली मार देगी। उसी दौरान आरोपी पिता ने पीड़िता के साथ सौतेली मां के सामने ही दुष्कर्म की वारदात की। बाद में आरोपी धमकी देते हुए भाग निकले।
मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की और दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। मामले में अब एडीजे, एफटीसी प्रथम हरिकेश कुमार के न्यायालय ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर अभियुक्त पिता को दोषी मानते हुए 15 वर्ष का कारावास और 45 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है, जबकि आरोपी सौतेली मां के मामले में हाईकोर्ट से स्टे के चलते उनकी पत्रावली पृथक की गई है। जिस पर अभी सुनवाई जारी है।