सदर क्षेत्र में प्लाटिंग से अधिक मुनाफा कमाने के लिए कालोनाइजर ने एनएच-91 और बाईपास के बीच करीब 300 मीटर लंबी सड़क बना डाली।
सड़क को पक्का करने के लिए दिनरात भराव के लिए मिट्टी डाली जाने लगी तो शिकायत प्रशासन तक पहुंची। इस पर एडीएम प्रशासन ने तहसीलदार को मौके पर भेजकर काम रुकवा दिया।
सदर क्षेत्र में अढ़ौली चौराहे पर करीब आठ बीघा जमीन में प्लाटिंग की जा रही है। कालोनाइजर ने अधिक मुनाफे के चक्कर में बाईपास और पुराना जीटी रोड को मिलाते हुए एक सड़क का निर्माण कर दिया है।
बड़े स्तर पर रास्ते में मिटटी डाली जा रही है। ये सब भूखंड पर डबल फ्रंट और रास्ता बनाने के लिए किया गया है। इससे सिर्फ प्लाट बेचने वालों को फायदा होगा।
आम आदमी को इस रास्ते से कोई फायदा नहीं होगा। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक रास्ते की अनुमति नहीं ली गई है। बिना अनुमति के रास्ता बना दिया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चार पांच दिन पूर्व एनएचएआई के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे लेकिन बिन कार्रवाई अफसर वापस लौट गए।
हालांकि इस बाबत एनएच-91 के प्रोजेक्टर मैनेजर जानकारी से ही इनकार कर रहे हैं। बुधवार को शिकायत के आधार पर एडीएम प्रशासन विशाल सिंह ने सदर के तहसीलदार को मौके पर भेजा।
तहसीलदार ने जांच के बाद भूखंड पर काम बंद करवा दिया। बुलंदशहर से सटे अढ़ौली, अकबरपुर, मौसमगढ़, हीरापुर, उटरावली, इमलिया, सराय छबीला, जुलेपुरा समेत चारों दिशाओं में अवैध प्लॉटिंग की जा रही है।
जांच का आदेश दे दिया है। जांच पूरी होने तक काम रुकवा दिया गया है। जांच में गड़बड़ी सामने आने पर कालोनाइजर पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार ने पैमाइश भी की है।- विशाल सिंह, एडीएम प्रशासन
मुझे इस प्रकरण की जानकारी नहीं हैं। अनुमति भी नहीं दी गई है। एनएचआई की टीम मौके पर गई थी, यह भी पता नहीं हैं। -मोहम्मद खालिद, प्रोजेक्ट मैनेजर एनएच 91
पार्टी से जुड़ा व्यक्ति कोई भी व्यक्ति अगर गलत तरीके से जमीन के खरीद फरोख्त करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -दिनेश गुर्जर, जिलाध्यक्ष, सपा