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दुल्हन को फेरों पर ‘चक्कर अाया’, बारात लौटी तो प्रेमी को फोन मिलाया

Wed, 14 Jun 2017 12:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
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नगर के एक बारातघर में हो रही शादी में दुल्हन का फिल्मी ड्रामा देखकर बाराती और घराती हतप्रभ रह गए। सोमवार आधी रात से शुरू हुआ दुल्हन का ड्रामा मंगलवार दोपहर तक चलता रहा। प्रेमी से शादी के लिए दुल्हन ने फेरों पर चक्कर आने का ड्रामा रचा। उसके बाद प्रेमी से शादी करने पर अड़ गई। गुस्साए परिजन दुल्हन को बारातघर में ही छोड़कर लौट गए।

दुल्हन का हंगामा देख दूल्हा पक्ष मंगलवार दोपहर तक इंतजार करता रहा, लेकिन बाद में वह भी लौट गया। वह प्रेमी को फोन करके बारातघर बुलाती रही। प्रेमी ने भी दुल्हन से ही विवाह करने की बात स्वीकारी है। बाद में पुलिस ने उसको परिजनों की सुपुदर्गी में दे दिया।
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औरंगाबाद के एक गांव का परिवार दिल्ली में रहता है। उसने बेटी की शादी शुगर मिल कालोनी निवासी युवक से तय की थी। सोमवार रात परिजन व रिश्तेदार बेटी को लेकर जहांगीराबाद के एक बारातघर में पहुंचे। दूल्हा एवं दुल्हन पक्ष की ओर से शादी की रस्म शुरू हो गईं। जयमाला के बाद फेरे शुरू होते ही दुल्हन ने चक्कर आने का नाटक किया।

बेटी की हालत खराब देखकर परिजन घबरा गए और तत्काल चिकित्सक को बुलाया। चिकित्सक ने जांच के बाद दुल्हन को बिल्कुल फिट बताया। यह सुनते ही दूल्हा एवं दुल्हन पक्ष के होश उड़ गए। पता चला कि दुल्हन ने चक्कर आने का ड्रामा रचा था। परिजन और रिश्तेदारों ने दुल्हन से पूछा कि ऐसा क्यों कर रही है।

इस पर दुल्हन ने जवाब दिया कि वह  बीबीनगर के युवक से प्रेम करती है और उसी से शादी करेगी। इस दौरान परिजनों के समझाने पर भी वह नहीं मानी। ऐसे में दुल्हन के बदहवास परिजन उसको बारातघर में ही छोड़कर चले गए। दूल्हा पक्ष बेइज्जत और मूक दर्शक बनकर दुल्हन के कारनामे देखता रहा।

प्रेमी ने फोन पर दुल्हन से शादी करने का वादा किया, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंचा। इस बीच दूल्हा पक्ष भी उसको बारातघर में छोड़कर चला गया। कुछ लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। चौकी इंचार्ज मामराज सिंह ने दुल्हन एवं दूल्हे के बयान दर्ज किए। मंगलवार दोपहर दुल्हन को उसके रिश्तेदारों को देकर पुलिस ने मायके छुड़वा दिया।

उतारा दुल्हन का लिबास और पहन ली जींस-टीशर्ट
एक तरफ जहां चारों और निराशा थी। रिश्तेदार फफक रहे थे और दूल्हा पक्ष बेचैन था। वहीं बेटी ने परिजनों के बारात घर छोड़ते ही शादी का जोड़ा उतारकर जींस - टी शर्ट पहन ली। पूरे घटनाक्रम में उसके चेहरे पर न निराशा का भाव था न हताशा थी। बिटिया को बारातघर छोड़कर गांव गए परिजनों के मन में अंत तक टीस यही थी कि बेटी की परवरिस में आखिर कमी कहां रह गई?
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बिटिया की जिद के आगे बेबस फफकतें परिजनों के पास बोलने को शब्द नहीं थे। परिवार में तीन बहन व एक भाई में बिटिया सबसे बड़ी है। सबसे बड़ी होने से बिटिया को माता-पिता का प्यार अधिक मिला। बिटिया मां-पिता का हर कहा मानती थी। फिर अचानक ऐसी घटना पूरे परिवार को झकझोर देने वाली है। राजधानी की चकाचौंध भरी जिंदगी में बेटी दिल्ली में सर्विस करने वाले युवक को दिल दे बैठी।
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