बुलंदशहर। मंदिरों से अष्टधातु की मूर्तियां और कीमती सामान चोरी करने वाले गिरोह के सरगना को न्यायालय ने दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट चंद्रविजय श्रीनेत ने दोषी जावेद उर्फ सोनू को दो वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि गाजियाबाद के थाना मसूरी अंतर्गत निडोरी निवासी जावेद उर्फ सोनू ने अपना एक सक्रिय गैंग बना रखा था। यह गिरोह मंदिरों को निशाना बनाकर वहां से अष्टधातु की मूर्तियां, सोने-चांदी के छत्र और मुकुट चोरी करता था। इन कीमती सामानों को बेचकर अभियुक्त अवैध रूप से आर्थिक लाभ कमाते थे। अभियुक्त के आतंक के कारण क्षेत्र में भय का माहौल था और लोग गवाही देने से कतराते थे। अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए वर्ष 2020 में गुलावठी पुलिस ने अभियुक्त के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने जावेद को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया है।