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Bulandshahar News: दहेज हत्या में पति दोषी करार, आठ वर्ष का कारावास

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बुलंदशहर। छतारी थाना क्षेत्र के गांव चौढेरा में वर्ष 2019 में हुई दहेज हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय के न्यायाधीश शिवानंद ने हत्यारोपी पति को दोषी करार दिया है। साथ ही उसे आठ वर्ष का कारावास और पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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छतारी थाना क्षेत्र के गांव डिडौरा विश्वनाथपुर निवासी रामवीर सिंह ने 11 अप्रैल 2019 को छतारी थाने में मुकदमा दर्ज कराया। रामवीर सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी सरोज देवी की शादी पांच वर्ष पहले इसी थाना क्षेत्र के गांव चौढेरा निवासी त्रिलोकी सिंह के साथ की थी। शादी के बाद ही दहेज के लिए उसकी बेटी को परेशान किए जाने लगा। कई बार सरोज को मारपीट कर घर से निकाला गया। कई बार समझाने के बाद भी आरोपी नहीं माने। पीड़ित कई बार बेटी को ससुराल छोड़कर आया। आठ अप्रैल 2019 को सरोज को पीटकर ससुराल वालों ने घर में बंद कर दिया। सरोज का शव घर में फंदे पर लटका मिला। सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय के न्यायाधीश शिवानंद ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर त्रिलोकी को दोषी माना है। साथ ही अभियुक्त को आठ वर्ष कारावास की सजा और पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।

दहेज हत्या के दोषी को सात वर्ष का कारावास

खुर्जा। अलीगढ़ के गांव नगला विधी निवासी सुरेश कुमार ने पांच फरवरी 2020 को छतारी थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि उन्होंने अपनी बहन अनीता की शादी नरेश कुमार निवासी अल्लीपुरा थाना छतारी से दिसंबर 2018 में की थी। काफी दान-दहेज देने के बाद भी ससुराल वाले दहेज की मांग कर रहे थे और उन्होंने तीन फरवरी 2020 को फांसी लगाकर अनीता को मार दिया। मामले में पति नरेश समेत छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। क्षेत्राधिकारी डिबाई ने विवेचना में तीन नामजदगी गलत पाई। साथ ही नरेश, प्रेमवती और भगवानदास के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए। जहां दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश दिलीप कुमार सचान ने अभियुक्त नरेश को दोषसिद्ध किया। अभियुक्त को दहेज हत्या में सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। जबकि, अन्य दोनों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
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दहेज के लिए जानलेवा हमले में पति समेत तीन दोषी करार

बुलंदशहर। नरसेना थाना क्षेत्र के गांव कमालपुर निवासी रहीसुद्दीन ने 13 अप्रैल 2013 को नरसेना थाने पर तहरीर दी। तहरीर में उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री रेशमा का निकाह करीब चार वर्ष पूर्व खानपुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला नई बस्ती निवासी कफील के साथ किया था। निकाह के बाद से ही आरोपी दहेज में दो लाख रुपये और कार की मांग करने लगे। मांगे पूरी न होने पर पीड़िता का उत्पीड़न किया जाने लगा। आरोपियों ने 13 अप्रैल 2013 को मांगे पूरी न होने पर उनकी पुत्री पर जानलेवा हमला कर हत्या की कोशिश की। शिकायत पर पुलिस ने पति समेत दस नामजद आरोपी ससुराल वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर पति कफील, सास व ससुर को दोषी माना है। साथ ही उन्हें चार-चार वर्ष का कारावास और 12-12 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
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