बुलंदशहर। जिले में कुपोषित बच्चे कैसे पोषित होंगे। पिछले करीब चार माह से महिला एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग को पोषाहार की आपूर्ति नहीं हुई है। इससे 3967 आंगनबाड़ी केंद्रों पर इनका वितरण नहीं हो पा रहा। जिले के 1011 बच्चे कुपोषित और अतिकुपोषित श्रेणी में हैं।
शासन से आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छह माह से छह साल तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं को पोषाहार उपलब्ध कराया जाता है। आयु वर्ग के हिसाब से पोषाहार की व्यवस्था है। 3967 आंगनबाड़ी केंद्रों से 3,87,900 लाभार्थियों को योजना का लाभ मिलता है।
इनमें 50,451 गर्भवती और 22,910 धात्री महिलाएं हैं। इसी तरह 3,13,528 बच्चों और 1011 कुपोषित व अतिकुपोषित श्रेणी के बच्चों को योजना का लाभ मिलता है। सरकार की संस्था से पोषाहार की सप्लाई दी जाती है। इसे आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं को उपलब्ध कराया जाता है। संस्था के माध्यम से पोषाहार की आपूर्ति समय से नहीं होने के कारण बच्चों और महिलाओं को इसका वितरण नहीं हो पाता है। अक्तूबर से अब तक केंद्रों पर पोषाहार का वितरण नहीं हो रहा है। शिकारपुर क्षेत्र के निवासी शीला के अनुसार चार माह से पोषाहार नहीं मिला है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पोषाहार नहीं आने की बात कहती हैं। अनूपशहर क्षेत्र निवासी मालती और मीनू का कहना है कि पोषाहार मिलने से उन्हें और बच्चों को कुछ पोषण प्राप्त हो जाता था, लेकिन पिछले चार चार माह से पोषाहार नहीं मिला है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से भी बार-बार पूछा जा रहा है, लेकिन वहां से भी पीछे से पोषाहार न मिलने की बात कह रही रही हैं।