जिले में छठ मनाने के लिए महिलाओं को गंग नहर में पानी नहीं मिलेगा। हर साल छठ के लिए हरिद्वार से छोड़ा जाने वाला पानी इस बार दस नवंबर को छोड़ा जाएगा। ऐसे में उथले और गंदे पानी में ही खड़े होकर महिलाओं को अर्घ्य देना पड़ेगा। छठ पूजा कमेटी ने प्रशासन से नहर में पानी छोड़ने की मांग की है।
बता दें कि जिले में छठ पर्व का आयोजन बड़ी गंग नहर पर बलीपुरा के पास होता है। इस बार ऐसा पहली बार हुआ है कि नहर में पानी नहीं है जबकि छठ पूजा कमेटी की ओर से छठ पूजा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। नहर में पानी नहीं होने के कारण कमेटी के पदाधिकारियों ने 14 अक्तूबर को ही डीएम को पत्र देकर नहर में पानी छोड़ने की मांग की थी।
अक्तूबर माह के अंत में जब प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई तो कमेटी ने सिंचाई विभाग के एक्सईएन से संपर्क साधा। एक्सईएन ने बताया कि नहर में पानी हरिद्वार से छोड़ा जाता है और इस समय पानी नहीं छोड़ा जा सकता। पानी 10 नवंबर के बाद ही छोड़ा जाएगा। हालांकि बड़ी गंग नहर के साथ बनी नई गंग नहर में पानी है।
मगर, इसकी गहराई और पानी अधिक होने के कारण पूजा जान जोखिम में डालकर करनी होगी। इसमें सीढ़ी भी नहीं है। छठ पूजा कमेटी के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि बड़ी गंग नहर में पानी नहीं आया तो साथ वाली नई नहर में ही छठ पर्व मनाना मजबूरी होगा।