प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को सरकार के नुमाइंदों ने पलीता लगा दिया है। कस्बे में आसरा आवास योजना के अंतर्गत बनाए गए 72 मकान आवंटन से पहले ही गिरने शुरू हो गए हैं।
निर्माणाधीन मकानों के कुछ हिस्से गिरने लगे हैं। जगह जगह से प्लास्टर आदि भी छूटने लगा है। ठेकेदार गिरे हुए हिस्सों की मरम्मत करा लीपापोती में जुट गए हैं।
बीबीनगर में गुलावठी मार्ग पर आसरा आवास योजना के तहत मल्टीस्टोरी बिल्डिंग का निर्माण कार्य मार्च 2014 में शुरू किया हुआ था।
इन 72 मकानों को पूरा करने का लक्ष्य जून 2015 था, लेकिन एक वर्ष अधिक बीतने के बाद भी लगभग 20 प्रतिशत कार्य बाकी है। निर्माण कार्य चल ही रहा है कि मकानों का प्लास्टर छूटने लगा है। बिल्डिंग के टॉप फ्लोर का कुछ हिस्सा गिर चुका है।
जल निगम के जेई मुजम्मिल खान ने बताया कि आसरा योजना के अंतर्गत बन रहे इन 72 मकानों का निर्माण कार्य एक वर्ष पूर्व जून 2015 में पूरा होना था। बीच में धनराशि नहीं आने के कारण काम रुक गया और निर्माण कार्य निर्धारित समय से लगभग एक वर्ष से भी अधिक देरी से हुआ है।
जांच की उठने लगी मांग
लोगों ने मकानों के गिरने की जांच की मांग शुरू कर दी है। कस्बेवासियों का कहना है कि अभी निर्माण कार्य भी पूरा नहीं हुआ है और अभी से ही मकान गिरने शुरू हो गए हैं। आगे क्या होगा खुद ही समझा जा सकता है।
मामला संज्ञान में नहीं है और न ही कोई शिकायत ही मिली है। अगर ऐसा है तो जांच कराई जाएगी। - आरके सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व