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महिला और बच्चा वार्ड पर लगा दिया ताला, अन्य वार्डों में कर रहे भर्ती

सार

महिला और बच्चा वार्ड पर लगा दिया ताला, अन्य वार्डों में कर रहे भर्तीबुलंदशहर।लेकिन कुछ बेड कोविड में चले जाने के कारण करीब 125 बेड पर उपचार की सुविधा दी जा रही है।अस्पताल में चिकित्सक के साथ-साथ स्टाफ की कमी चल रही है।
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महिला और बच्चा वार्ड पर लगा दिया ताला, अन्य वार्डों में कर रहे भर्ती
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बुलंदशहर। जिले में बुखार के प्रकोप के बाद भी अस्पताल प्रशासन अलर्ट नहीं है। 50 बेड के महिला और बच्चा वार्ड पर पिछले काफी समय से ताला लटका हुआ है। स्थिति यह है कि इन वार्ड के मरीजों को अन्य वार्डों में भर्ती किए जाने से बेड फुल चल रहे हैं। इस कारण से काफी संख्या में बुखार और गंभीर बीमारी के मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है या उन्हें भर्ती करने की स्थिति में भी प्राथमिक उपचार देकर घर भेज दिया जा रहा है, जिससे कुछ मरीजों की स्थिति गंभीर हो रही है। मंगलवार को 88 बेड पर 72 मरीज भर्ती मिले।
जिला अस्पताल में 177 बेड की क्षमता है। लेकिन कुछ बेड कोविड में चले जाने के कारण करीब 125 बेड पर उपचार की सुविधा दी जा रही है। इसमें भी कुछ बेड काफी समय से खाली चल रहे हैं। इन पर न तो किसी मरीज को भर्ती किया जा रहा है और न ही इन बेडों को दूसरे स्थान पर रखने का प्रयास किया जा रहा है। इसकी वजह से मरीजों को अस्पताल में इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जबकि इन दिनों वायरल बुखार ने अपना कहर बरपाया हुआ है। गांव-गांव घर-घर लोग बुखार से पीड़ित चल रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समेत जटिया चिकित्सालय खुर्जा, संयुक्त चिकित्सालय सिकंदराबाद और 100 बेड राजकीय चिकित्सालय डिबाई में सुविधा न मिलने पर मौसमी बीमारी समेत अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीज इलाज की आस में जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। लेकिन यहां भी उन्हें इलाज नहीं मिल पा रहा है। नियम के अनुसार बुजुर्ग वार्ड में बुजुर्गों को ही भर्ती किया जाएगा, ऐसे ही आयुष्मान वार्ड में आयुष्मान के पात्र मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाता है। इन दोनों वार्डों में नाममात्र मरीज भर्ती होने से अन्य बेड खाली चल रहे हैं। जबकि अन्य वार्ड मरीजों से भरे पड़े हैं।
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नोट: यह आंकड़े दोपहर 12 बजे तक है। इसके बाद भी मरीज भर्ती किए गए और डिस्चार्ज व रेफर भी।
बच्चा वार्ड दो साल से तो महिला वार्ड दो माह से है बंद
जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में 30 बेड की क्षमता है तो महिला वार्ड में जनरल मरीजों के लिए 10 बेड और सर्जिकल मरीजों के लिए 10 बेड आरक्षित हैं। कोविड काल के दौरान बच्चा वार्ड को बंद कर दिया गया था। इसके बाद डेढ़ साल पूर्व टीकाकरण शुरू होने पर बच्चा वार्ड और महिला वार्ड में टीकाकरण शुरू कर दिया गया। ऐसे में दोनों वार्ड की सुविधा बंद हो गई। वहीं, अब टीकाकरण का कार्य सीमित होने के कारण भी दोनों वार्ड की सुविधाएं अभी तक बंद चल रही है। ऐसे में दोनों वार्ड के मरीजों को अन्य मरीजों के साथ भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
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अस्पताल में चिकित्सक के साथ-साथ स्टाफ की कमी चल रही है। चार स्टाफ नर्स का ट्रांसफर हो चुका है। फिलहाल 11 का स्टाफ है। इसकी वजह से बच्चा वार्ड व महिला वार्ड को फिलहाल बंद कर रखा है। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल
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