बुलंदशहर। नेशनल हाईवे-91 पर 30 जुलाई 2016 की रात को नोएडा निवासी कार सवार परिवार के साथ हुई वारदात में न्यायालय में अभियोजन और विपक्ष के साक्ष्य पूरे हो चुके हैं और न्यायालय ने इसका फैसला सुरक्षित रखा है। मामले में आगामी 20 जुलाई को सुनवाई है जिस पर न्यायालय का फैसला आना तय बताया जा रहा है।
नोएडा निवासी एक परिवार 30 जुलाई 2016 को कार में सवार होकर शाहजहांपुर जाने के लिए निकला था। देर रात में जब वह लोग बुलंदशहर देहात कोतवाली क्षेत्र में दोस्तपुर फ्लाईओवर के निकट पहुंचे थे तो बदमाशों ने उनकी कार को रुकवा लिया था। कार में उस दौरान मां-बेटी समेत एक ही परिवार के पांच लोग मौजूद थे। आरोपियों ने सबको कब्जे में लिया और सड़क किनारे एक खेत में ले गए। जहां उन्हें बंधक बनाया और मां व नाबालिग बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। इसके बाद आरोपी उनसे सामान आदि लूटकर फरार हो गए थे। इस प्रकरण में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की और जांच पड़ताल के बाद कुछ आरोपियों को जेल भेज दिया था। इस मामले में एक अभियुक्त सलीम की कुछ वर्ष पूर्व विचरण के दौरान बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। जबकि, अभी पांच आरोपी शेष हैं।
सहायक जिला शासकीय वरुण कौशिक ने बताया कि यह मामला वर्तमान में विशेष सत्र न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम ओमप्रकाश वर्मा तृतीय के न्यायालय में विचाराधीन है। इस प्रकरण में अभियोजन की ओर से कुल 25 गवाह पेश किए गए हैं। अभियोजन साक्ष्य और विपक्षियों के सफाई साक्ष्य भी पूरे हो चुके हैं। इसके बाद न्यायालय ने इसका फैसला सुरक्षित रख लिया है और आगामी 20 जुलाई को फैसला सुनाए जाने की तिथि नियत की है।