अल्लीपुर गांव निवासी राहुल ने बताया कि वह खेती कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। मंगलवार शाम को करीब पांच बजे उनकी दस वर्षीय बेटी शिखा व छह वर्षीय बेटा पंकज घेर पर गए थे। जहां से वह पैदल ही अपने घर की ओर आ रहे थे। तभी गांव में बीच रास्ते पर लटकी 11 हजार केवी क्षमता की हाइटेंशन लाइन शॉर्ट सर्किट होकर नीचे टूटकर गिर गई।
दोनों बच्चे तभी तार की चपेट में आ गए और करंट से झुलस गए। झुलसे बच्चे वहीं गिर गए। वहां मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाया और परिजनों को बुलाया। मौके पर राहुल व अन्य लोग पहुंच गए, जिन्होंने बच्चों को तार से अलग खींचा और बच्चों को होश में लाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने निगम को सूचना दी और आपूर्ति बंद करने को कहा। इसके बाद सप्लाई बंद की गई।
आनन फानन में परिजन बच्चों को लेकर पहासू सीएचसी पहुंचे, जहां से उनको हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद बच्चों को खुर्जा के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अभिषेक का कहना है कि बच्ची की हालत गंभीर है। बच्चा फिलहाल खतरे से बाहर है। दोनों का उपचार किया जा रहा है।
पीड़ित राहुल ने बताया कि उनके चार बच्चे हैं, जिसमें सबसे बड़ी शिखा, इसके बाद बेटा पंकज, बेटी भूमिका और सबसे छोटा जतिन है। चारों भाई बहन आपस में खेलते रहते हैं। अब सभी लोग शिखा और पंकज को स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
पूर्व में भी हो चुके हैं हादसे फिर भी नहीं सुधरी व्यवस्था
प्रधान राजवीर सिंह ने बताया कि गांव में हाईटेंशन लाइन वर्ष 2002 में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत लगाई गई थी। बीते 24 साल में तार पूरी तरह से जर्जर पड़े हैं। कई बार ऊर्जा निगम के उच्च अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से तार बदलने की मांग की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी। सात महीने पहले गांव में रहने वाली ओमवती पर भी एक तार टूटकर गिर गया था, जिसके बाद भी निगम की ओर से व्यवस्था नहीं सुधारी गई। घटना के बाद से ग्रामीणों में काफी रोष है, जो घटना का जिम्मेदार ऊर्जा निगम के अधिकारियों को बता रहे हैं।
तार जर्जर हो गया था, जिस कारण टूटकर गिर गया। अभी प्राथमिकता है कि बच्चों का सही तरीके से उपचार मिले। इसके लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है। गांव में जल्द जर्जर तार बदले जाएंगे। - विनोद कुमार, एसडीओ, पहासू।
सीपीआर देता रहा पिता, मां सहलाती रही हाथ नहीं बोली बच्ची
घटना के बाद का एक मार्मिक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें करंट से झुलसी दस वर्षीय शिखा को उसके पिता राहुल सीपीआर दे रहे हैं और होश में लाने का प्रयास कर रहे हैं। रोती बिलखती मां बच्ची का हाथ सहलाती रही, लेकिन बच्ची कुछ नहीं बोल पा रही है। बच्ची कुछ बोलने का प्रयास तो करती है, लेकिन बोल नहीं पाती। वीडियो देखकर हर किसी की आंख नम हो रही है।