बुलंदशहर। तापमान में गिरावट होने पर बढ़ी सर्दी से लोग सर्दी-जुकाम की चपेट में आ रहे हैं। वहीं, यह मौसम गले और कानों पर भी प्रभाव डाल रहा है। ऐसे में लोगों के कानों में भारीपन के साथ अन्य परेशानी हो रही है।
जिला अस्पताल के ईएनटी कक्ष में प्रतिदिन 100 से 150 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश बच्चे और बुजुर्ग कान में दर्द की समस्या बता रहे हैं। शुक्रवार को कान में दर्द की समस्या के 45 से अधिक मरीज पहुंचे।
मौसम में हुए बदलाव से लोगों को कान दर्द की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कान में भारीपन महसूस होने पर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, मगर इससे कान के पर्दे पर असर पड़ता है।
इन दिनों जिला अस्पताल की ओपीडी में फिजिशियन और आर्थोपेडिक के अलावा ईएनटी विशेषज्ञ के पास नाक, कान, गला रोग के मरीजोंं की भीड़ लग रही है। ईएनटी सर्जन डॉ. अरुण एमएस ने बताया कि सर्दी-जुकाम होने पर नाक से कान के बीच पानी चला जाता है। इस पानी से कान में संक्रमण हो जाता है।
कान में संक्रमण होने के साथ संबंधित के सुनने की क्षमता कम हो जाती है। वहीं, कुछ लोग कान में दर्द या जलन होने पर बिना परामर्श गर्म तेल डाल लेते हैं। इससे बड़ी समस्या बन जाती है।
ओपीडी में प्रतिदिन आने वाले मरीज कान में दर्द या कान बहने की समस्या बता रहे हैं। गले में खराश के भी मरीज आ रहे हैं। कान और गले में यह समस्याएं मौसम में बदलाव के कारण हैं। ऐसे में कान की समस्या को नजरअंदाज न करें। बिना चिकित्सक की सलाह के भी दवा न लें।
सत्संग में मौजूद श्रद्धालु। - फोटो : सत्संग में मौजूद श्रद्धालु।