बुलंदशहर।
जिला अस्पताल में चार महीने पूर्व लाखों की कीमत से लगाया गया हेल्थ एटीएम मरीजों के काम नहीं आ रहा है। अस्पताल में प्रशिक्षित स्टॉफ नहीं होने पर सर्वर डाउन की समस्या बनी रहती है। ऐसे में मशीन का प्रयोग अधिकांश समय वजन तौलने या बीपी नापने में किया जा रहा है।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सात फरवरी को सिकंदराबाद की कजारिया कंपनी की ओर से हेल्थ एटीएम मशीन लगवाई गई। इसका लोकार्पण प्रभारी मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने किया। इसके बाद लोगों को जांच की सुविधा देने के निर्देश दिए गए लेकिन, प्रशिक्षित कर्मी (टेक्नीशियन) नहीं होने की वजह से मरीजों को जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जबकि इस हेल्थ एटीएम में 59 प्रकार की जांचों की निशुल्क सुविधा देने का दावा किया गया। किसी भी प्रकार की जांच में अधिकतम 10 मिनट का समय लगना था लेकिन, कर्मी की तैनाती न होने की वजह से मरीजों को अस्पताल की पैथोलॉजी लैब पर जाकर जांच करानी पड़ रही है। फिलहाल इस मशीन का प्रयोग इमरजेंसी में रहने वाले कर्मी वजन तौलने या बीपी नापने में कर रहे हैं।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ.राजीव प्रसाद ने कहा कि शासन को पूर्व में पत्र लिखकर टेक्नीशियन की मांग की जा चुकी है। अब तक कोई जवाब नहीं आया है। हेल्थ एटीएम को प्राइवेट संस्था की ओर से डोनेट करवाया गया। टेक्नीशियन मिलने पर हेल्थ एटीएम पर तैनाती दे दी जाएगी।