स्मॉग का ग्राफ खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद डीएम ने कक्षा एक से पांच तक सभी स्कूलों की दो दिन के लिए छुटटी कर दी है। कक्षा छह से 12 तक स्कूल कालेजों के टाइम शेड्यूल में बदलाव किया गया है। ये स्कूल सुबह नौ बजे से एक बजे तक खुलेंगे।
दीवाली की आतिशबाजी और खेतों में जलाए गए पुऑल से निकले धुए के कारण आसमान में धुंध छा गई है। खासतौर पर बुजुर्ग और मासूम बच्चों का सांस लेना दुभर हो गया है। बुजुर्ग और बच्चों के सामने और परेशानी न आए इसलिए डीएम ने कक्षा एक से कक्षा पांच तक सभी स्कूल (सरकारी और गैर सरकारी) दो दिन के लिए बंद कर दिए हैं।
आठ नवंबर के बाद यदि धुंध नहीं छटी तो छुटटी आगे बढ़ाई जा सकती हैं। डीएम ने कक्षा छह से 12 तक के स्कूल कालेजों का टाइम टेबिल बदल दिया है। जब तक धुंध नहीं छंटती तक तक ये स्कूल सुबह नौ बजे खुलेंगे और एक बजे बंद हो जाएंगे।
डीएम ने कृषि अफसरों को फटकारा
खेतों में पुआल जलाने पर डीएम सख्त हो गए हैं। डीएम ने रविवार को कृषि विभाग के अफसरों को खूब फटकारा। डीएम ने कहा जो किसान खेत में पुआल जलाकर वातावरण को प्रदूषित कर रहे हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मनमानी करने वाले किसानों पर जुर्माना लगाना भी शुरू किया जाए। वहीं, कृषि एक्सपर्ट विजय गोयल ने बताया कि मौसम में नहीं होने के कारण पटाखे और पुआल से निकला धुंआ नीचली सतह पर ही रम गया है।
स्मॉग के साथ घुटन और आंखों में जलन बरकरार
आसमान में छाए स्मॉग ने दूसरे दिन भी लोगों को बेचैन रखा। हाइवे सहित जिले के अन्य मार्गों पर वाहनों की गति धीमी रही और चालकों को दिन में भी लाइट जलानी पड़ी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार तेज हवा चलने के बाद ही राहत संभव है।
बता दें कि दिवाली पर आतिशबाजी और हरियाणा, पंजाब व पश्चिमी उप्र में धान की पुआल जलाने से बने धुआं और धूल ने स्मॉग का रूप धारण कर लिया। जिले में इसका असर शनिवार को शुरू हुआ। सांस लेने में दिक्कत के साथ आंखों में जलन और त्वचा रोग का खतरा बढ़ गया।
स्मॉग में बनी सफेद चादर के चलते दिन के समय दृश्यता कम हो गई, जिसके चलते वाहनों की गति कम हो गई और चालकों को लाइट जलानी पड़ी। स्मॉग के बीच रविवार को अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सोमवार को अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम 15 व मंगलवार को अधिकतम तापमान 29 और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। उधर, मौसम विशेषज्ञ और वैज्ञानिक डॉ. विवेकराज का कहना है कि हवा में स्मॉग का असर जारी रहेगा।
तेज हवा चलने के बाद ही इससे छुटकारा मिलेगा। स्मॉग से सांस और अस्थमा के रोगियों को बचाव की जरूरत है। आंखों की जलन और त्वचा रोग से निजात पाने के लिए भी उपाय जरूरी है। बारिश के चांस बहुत कम हैं और अब लगातार तापमान में गिरावट और ठंड बढ़ने के भी आसार बन रहे हैं।