फर्जी बिलों के आधार पर 43 लाख की कर चोरी का खुलासा
बुलंदशहर। फर्जी बिलों के आधार पर खरीद फरोख्त दर्शाकर आईटीसी क्लेम करने के मामले में जीएसटी विभाग की टीम ने कार्रवाई की है। साथ ही फर्म द्वारा कागजों में कम स्टॉक दर्शाने और मौके पर अधिक स्टॉक मिलने पर टीम ने 10.62 लाख रुपये का कर व जुर्माना वसूला है।
जीएसटी विभाग की संयुक्त आयुक्त विभा पांडेय के निर्देशन और डिप्टी कमिश्नर धर्मेंद्र जायसवाल के नेतृत्व में टीम ने सिकंदराबाद के औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री पर कार्रवाई की। पेस्टीसाइड बनाकर बेचने वाली फर्म एसडी एग्रो पर छापेमारी करते हुए पाया कि कंपनी की ओर से 43 लाख रुपये की आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का जो दावा किया गया है, वह पूरी तरह से फर्जी है। जांच के दौरान पता चला कि जिस फर्म को माल बेचना दर्शाया गया है, उस फर्म ने इसके संबंध में जीएसटी का भुगतान ही नहीं किया है। जांच में आईटीसी क्लेम के फर्जी पाए जाने पर तत्काल इस पर रोक लगाते हुए फर्जी क्लेम की धनराशि की वसूली की गई। इसके अलावा मौके पर मिले स्टॉक की जांच की गई तो दस्तावेजों में कम स्टॉक दर्शाने का मामला सामने आया। जिस पर असिस्टेंट कमिश्नर प्रदीप कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने जांच करते हुए कर और जुर्माना के तौर पर 10.62 लाख रुपये की वसूली की।