आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई गेहूं की फसल को सरकारी क्रय केंद्रों पर नहीं खरीदा जाएगा। भारत सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन में साफतौर पर कह दिया गया है कि एजेंसियां छह प्रतिशत सिकुड़े और दो प्रतिशत टूटे गेहूं की खरीद करें। इससे अधिक सिकुड़े और क्षतिग्रस्त गेहूं को न खरीदें।
जिले में 3.75 लाख बीघा फसल दैवीय आपदा की चपेट में आने से बर्बाद हो गई थी। सरकार के आदेश से उन किसानों की नींद उड़ गई है जिनकी फसल खराब हो गई थी। ऐसे किसानों को बिचौलियों या आढ़तियों की मदद से समर्थन मूल्य से कम दर पर गेहूं बेचना पड़ेगा।
बता दें कि अरनिया, पहासू, स्याना, सिकंदराबाद, खुर्जा, डिबाई और दानपुर में गेहूं की फसल को अधिक नुकसान हुआ था। दैवीय आपदा उस समय आई जिस समय बालियों में दूध बन रहा था। इस अवस्था में जो फसल गिर गई उसकी बालियों में बन रहा दाना पिचक गया।
बारिश होने से बालियों और दानों ने चमक फीकी कर दी। कृषि विभाग के मुताबिक 30 हजार हेक्टेयर फसल की गुणवत्ता खराब हुई। गेहूं खरीद की कड़ी पालिसी ने किसानों की मुश्किल बढ़ा दी है।
नहीं शुरू हुई गेहूं की खरीद
जनपद में एक भी क्रय केंद्र अभी तक स्थापित नहीं किया गया है। कृषि विपणन विभाग के अधिकारी खुद मान रहे हैं कि गेहूं की कटाई और थ्रेशिंग शुरू हो गई है। दरअसल, किसान मौसम बिगड़ने की आशंका के चलते गेहूं की कटाई और थ्रेशिंग में जुट गए हैं। अफसरों का कहना है कि सोमवार से क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू हो जाएगी।
स्वच्छता की छाप छोड़ेगी गेहूं खरीद
अबकी गेहूं खरीद स्वच्छता की छाप छोड़ेगी। केंद्रों पर जिन बोरों में गेहूं पैक किया जाएगा उन पर स्वच्छ भारत मिशन लिखा होगा। बोरों की सिलाई नीले धागे से होगी। बोरों पर लिखाई भी नीली स्याही से की जाएगी। पहले काले रंग की स्याही से बोरों पर लिखाई हुआ करती थी और सन की सुतली से सिलाई की जाती थी।
सिकंदराबाद में तीन केंद्रों पर होगी खरीद
सिकंदराबाद। ब्लॉक में क्रय केंद्रों की कम संख्या के कारण गेहूं खरीद पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। सिकंदराबाद ब्लॉक के 61 ग्रामों में किसानों ने 18 हजार हेक्टेयर भूमि में गेहूं की फसल की बुआई की थी। बड़े-बड़े दावे करने वाली विपणन टीम ने क्रय केंद्रों पर अभी तक न तो बाटों की व्यवस्था की और न ही बोरों व तराजू की।
वहीं, किसानों का कहना कि 61 गांवों के लिए तीन क्रय केंद्र पर्याप्त नहीं है। मंडी सीमिति के सचिव उधम सिंह ने बताया कि केंद्र बढ़ाने के लिए डिप्टी डारेक्टर प्रशासन, उपनिदेशक मंडी को पत्र लिखा गया।
सरकारी क्रय केंद्रों पर जो गेहूं मानक पर खरा नहीं उतरेगा उसकी खरीद नहीं की जाएगी। भारत सरकार की ओर से गाइडलाइन मिल गई हैं। सोमवार से केंद्रों की स्थापना शुरू हो जाएगी। - वीके विदवा, डिप्टी फूूड मार्केटिंग अफसर