अनूपशहर क्षेत्र के खादर व खेतों में भरा गंगा का जलस्तर। संवाद
अनूपशहर/अहार/नरौरा। गंगा का लगातार जलस्तर कम हो रहा है। वहीं, बृहस्पतिवार को पांच हजार क्यूसेक से अधिक पानी कम हो गया। अभी पानी में और गिरावट की संभावना जताई जा रही है। वहीं, दूसरी ओर गंगा किनारे खेतों, खादर और घाटों पर भी जलस्तर कम होने लगा है। खेतों में पानी भरा होने से किसान काम नहीं कर पा रहे हैं। साथ ही उनके सामने चारे का संकट बरकरार है।
अनूपशहर में सिंचाई विभाग के जेई उमेश कुमार ने बताया कि आज सुबह बिजनौर बैराज से 1.03 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह मात्रा कल से लगभग 33,000 क्यूसेक कम है। बिजनौर बैराज पर गंगा के जलस्तर में गिरावट आई है। आने वाले दिनों में कम पानी छोड़े जाने की संभावना है। गंगा के जलस्तर में कमी से स्थानीय लोगों को राहत मिली है। दूसरी ओर गंगा घाटों पर जलस्तर काफी कम हो गया है। इससे स्नान करने वाले श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली है। वहीं, दूसरी ओर क्षेत्र के किसान ओमप्रकाश व राकेश आदि ने बताया कि अभी खेतों व रास्तों पर पानी भरा होने से खेतों पर नहीं जा पा रहे हैं। खेतों का काम भी प्रभावित है और लगातार पानी भरा होने से फसलों को नुकसान हो रहा है। सबसे बड़ी समस्या चारे की है, जो लगातार बनी हुई है।
नरौरा गंगा बैराज पर गंगा नदी के जलस्तर में दो दिन से लगातार गिरावट दर्ज की गई है। गंगा बैराज से बृहस्पतिवार को गंगा नदी की डाउनस्ट्रीम में 186672 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। गंगा बैराज के जल लेख सहायक देवेश कुमार ने बताया कि खतरे के निशान से ऊपर चल रही गंगा नदी में मंगलवार से गिरावट शुरू हुई और जल स्तर लगातार कम होते हुए बैराज से गंगा नदी की डाउनस्ट्रीम में 186672 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। गत दिवस बुधवार शाम को 191442 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी। बैराज से निकली एलसीसी नहर में 6038 व पीएलजीसी नहर में 4939 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।