अहार में खादर से खेतों की ओर बढ़ा गंगा का जलस्तर। संवाद
अनूपशहर/नरौरा। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्र में बारिश के कारण मंगलवार गंगा का जलस्तर 10 हजार क्यूसेक बढ़कर 1.02 लाख क्यूसेक पर पहुंचने से खादर क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई। एक ओर जहां चारे का संकट गहराने लगा है तो किसानों की फसलों की चिंता सताने लगी है। जिला प्रशासन की ओर से लगातार बढ़ रहे जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
बारिश के दिनों खादर क्षेत्र के लोगों के लिए काफी चिंता भरे होते हैं। क्योंकि इन्हीं दिनों में गंगा का जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र में बाढ़ आती है। करीब 22 दिन पूर्व गंगा का जलस्तर बढ़ गया था, लेकिन उसके बाद सामान्य स्थिति में चल रहा था। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार पिछले कई दिनों में हुई बारिश के कारण सोमवार को अचानक गंगा का जलस्तर में इजाफा हो गया। जलस्तर खादर को पाकर फसलों तक पहुंच गया। गंगा का जलस्तर इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया। सोमवार को गंगा जल सतर 92301 क्यूसेक था, जो अब मंगलवार को 10 हजार क्यूसेक बढ़कर 102201 क्यूसेक पर पहुंच गया। इससे खादर क्षेत्र के लोग चिंतित हो गए। उन्हें डर सता रहा था कि कहीं गंगा का जलस्तर और अधिक न बढ़ जाए। क्योंकि गंगा नदी कभी भी उफान पर आकर खादर क्षेत्र में तबाही मचा सकती है। गंगा का जल स्तर अचानक बढ़ने से पानी किनारों से टकराने लगा, जिसे देखने के लिए खादर क्षेत्र के लोग गंगा घाट पर पहुंचे। वहीं जल स्तर बढ़ने की सूचना पर सिंचाई विभाग और तहसील प्रशासन भी अलर्ट हो गया। नरौरा गंगा बैराज के जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि मंगलवार कुल पानी 102201 बैराज से डाउनस्ट्रीम में 86703 क्यूसेक की गंगा में निकासी की जा रही है। बैराज से निकली एलसीसी नहर में 7978 और पीएलजीसी नहर में 7432 क्यूसेक प्रति सेकेंड पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। अनूपशहर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों की सीढ़ी डूब गई और आरती स्थल पर भी पानी पहुंच गया है। घाटों पर गोताखोर और नाव तैनात की गई हैं। एसडीएम अनूपशहर नवीन कुमार ने बताया कि गंगा के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। कंट्रोल रूम समेत बाढ़ चौकियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अभी गंगा का जलस्तर सामान्य श्रेणी में है।
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रुक्मिणी कुंड में भरा गंगा का जल
अहार। क्षेत्र में गंगा में जलस्तर बढ़ से जाने से अवंतिका देवी मंदिर की पश्चिम दिशा में रुक्मिणी कुंड में जल भर गया है। ऐसे में कुंड की ओर को न जाने की सलाह दी गई है। वहीं, दूसरी ओर गंगा जल स्तर बढ़ने से क्षेत्र के लोग खासकर किसानों को अपनी फसलों की चिंता सताने लगी है। किसानों का कहना है कि खादर से खेतों की ओर बढ़े पानी से चारे का भी संकट गहराने लगा है।