नरौरा/अनूपशहर। गंगा का बढ़ता जलस्तर डराने लग गया है। अहार, अनूपशहर, राजघाट और नरौरा क्षेत्र में बाढ़ के खतरे को देखते हुए लोगों की धड़कने बढ़ गई हैं। रविवार को अनूपशहर के राजघाट में एक मंदिर, मकान का कमरा और पांच पेड़ गंगा में समा चुके हैं। यहां लगीं अस्थाई दुकानों से दुकानदारों ने अपना सामान समेट लिया है। स्थानीय लोग पेड़ों की टहनी को कटान वाले स्थानों पर लगाकर कटान रोकने की कवायद में जुटे हैं।
कुछ दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अहार, अनूपशहर, कर्णवास, राजघाट, रामघाट के अलावा आसपास के गांव के लोग प्रभावित हो रहे हैं। सबसे ज्यादा समस्या किसानों के सामने आ रही है। अनूपशहर क्षेत्र के गांव तोरई, बसीबांगर, बच्चीखेड़ा, औरंगाबाद ताहरपुर समेत कई गांव में लोग खेतों पर नहीं जा पा रहे हैं। यहां कुछ दिन और गंगा का जलस्तर नहीं घटा तो पशुओं के सामने चारे की समस्या खड़ी हो जाएगी।
रविवार को सुबह राजघाट में गंगा के बढ़े जलस्तर को देखने के लिए लोग खड़े हुए थे, इसी दौरान उन्हें मंदिर हिलता हुआ दिखाई दिया। देखते ही देखते कुछ सेकंड में मंदिर गंगा के अंदर समा गया। इसी तरह एक कमरा और कुछ ही दूरी पर स्थित पेड़ को भी गंगा की धारा ने अपने आगोश में ले लिया। वहां मौजूद देवेंद्र और मोहित ने बताया कि वह नजारा बहुत ही डरावना था।
सिंचाई विभाग हेड वर्कर्स के एसडीओ अंकित सिंह ने बताया कि इस समय गंगा का पानी खतरे के निशान के नजदीक है। नरौरा बैराज पर रविवार को कुल पानी की आवक 2.22 लाख क्यूसेक प्रति सेकंड हो रही है। बैराज से गंगा नदी की डाउन स्ट्रीम में 2.11 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बैराज सुबह से शाम तक जलस्तर स्थिर बना हुआ है। जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि शनिवार को कुल पानी की आवक 2.13 लाख 570 क्यूसेक हो रही थी।
35 से अधिक दुकानदार प्रभावित
नरौरा। घाट पर पानी बढ़ने से 35 से अधिक दुकानदार प्रभावित हुए हैं। प्रसाद, पूजा सामग्री व चाय की दुकानों का दुकानदारों ने सामान समेट लिया है। गंगा नदी से सटी भूमि और खेतों में भी पानी पहुंचने के कारण फसलों को नुकसान हुआ। ग्राम प्रधान ओमवीर सिंह ने बताया कि कटान वाला भाग सिंचाई विभाग नरौरा खंड क्षेत्र में आता है। मिट्टी से भरे प्लास्टिक बोरे अन्य तरीके से विभाग कटान रोकने का प्रयास कर रहा है।
अनूपशहर में बढ़ी लोगों की चिंता
अनूपशहर। रविवार को करीब पांच इंच पानी बढ़ने से सभी गंगा घाटों के अलावा पानी आबादी के काफी अंदर तक पहुंच गया है। पानी बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह पानी बढ़ता रहा तो बड़ा नुकसान होगा।
स्वास्थ्य विभाग ने गठित की 19 टीमें
गंगा नदी में बनी बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गंगा क्षेत्र के सभी ब्लॉकों में 19 टीमों का गठन किया है। सीएमओ डा. विनय कुमार सिंह ने बताया कि गठित टीम गंगा किनारे वाले गांव में सर्वे कर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर जरूरी दवाइयां उपलब्ध करवाएंगी।
चौकी व लेखपाल से लगातार ली जा रही जानकारी
डीएम सीपी सिंह ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर पर नजर रखने के लिए चौकी स्थापित कर लेखपाल को तैनात किया गया है। यह सभी जिले की सीमा पर नजर रखे हुए हैं। साथ ही उनसे लगातार जलस्तर की स्थिति की जानकारी ली जा रही है।