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छात्रवृत्ति में फर्जीवाड़े की आशंका, 113 निजी विद्यालयों पर बैठी जांच

Tue, 02 Mar 2021 11:20 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
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शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं को मिलने वाली छात्रवृत्ति में फर्जीवाड़े की आशंका के चलते जनपद के 113 निजी विद्यालयों पर जांच बैठ गई है। जांच की जद में आए यह सभी विद्यालय माध्यमिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त निजी इंटर कॉलेज हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी के अनुसार जांच के लिए अधिकारी भी नामित कर दिए हैं। यह अधिकारी जांच कर रिपोर्ट विभाग में जमा करवाएंगे। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।

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शासन द्वारा छात्र-छात्राओं को आगामी कक्षाओं में पढ़ाई करने के लिए छात्रवृत्ति दी जाती है। प्रदेश के कुछ जिलों में छात्रवृत्ति देने के मामले में फर्जीवाड़े के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। आरोप है कि फर्जी प्रमाण पत्रों पर छात्रों की छात्रवृत्ति निकाली गई है। इसके बाद शासन ने प्रदेश के सभी जिलों में छात्रवृत्ति की जांच शुरू करा दी है। इस बार माध्यमिक शिक्षा परिषद के निजी विद्यालयों में छात्रवृत्ति में फर्जीवाड़े की आशंका के चलते जनपद के 113 निजी विद्यालय जांच की जद में आए हैं।

यह आदेश मिलते ही इन सभी निजी इंटर कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को वर्ष 2019-20 और 2020-21 में दी गई छात्रवृत्ति की जांच की जाएगी। यह जांच आठ बिंदुओं पर होगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी के अनुसार जनपद के उक्त निजी इंटर कॉलेजों की जांच के लिए डीएम और सीडीओ के आदेश पर जांच अधिकारी नामित कर दिए हैं। जांच अधिकारी अपनी जांच पूरी कर कार्यालय में जमा करवाएंगे। इसके बाद ही जनपद में छात्रवृत्ति के घोटाला का पता चल सकेगा। जब तक जांच नही हो जाती, तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता है।
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समस्त शैक्षिक प्रमाण पत्रों की होगी जांच
विभागीय अधिकारियों के अनुसार शासन के आदेश पर छात्रवृत्ति जांच आठ बिंदुओं पर होगी। इसके तहत निजी इंटर कॉलेज का कोड, छात्र-छात्राओं के शैक्षिक प्रमाणपत्र, पास होने का सत्र, आगामी कक्षाओं में उनका रजिस्ट्रेशन नंबर सहित अन्य दस्तावेजों की जांच शामिल है। बताया गया कि इन विद्यालयों में छात्रवृत्ति पाने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या 20 हजार से अधिक है और उन्हें गत दो वर्ष के दौरान करोड़ों रुपये की राशि छात्रवृत्ति के रूप में प्रदान की गई है। विभाग की ओर से इसका आकलन किया जा रहा है।

पूर्व में भी बैठ चुकी है शिक्षण संस्थानों पर जांच
जनपद के शिक्षण संस्थानों में गत वर्ष 2019-20 में पूर्व दशम और दशमोत्तर के 50 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को 22 करोड़ रुपये से अधिक की राशि की छात्रवृत्ति में फर्जीवाड़े की आशंका को लेकर शिक्षण संस्थानों पर जांच बैठ चुकी है। यह जांच जारी है और जांच के लिए नामित किए गए। अफसरों का दावा है कि अभी तक जिन शिक्षण संस्थानों की जांच रिपोर्ट मिली है। उनमें कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है। जांच अधिकारी अपनी-अपनी जांच कर रिपोर्ट विभाग को सौंप रहे हैं। जल्द ही यह जांच पूरी हो जाएगी और इसकी रिपोर्ट भी शासन को भेज दी जाएगी।

प्रदेश के कई जनपदों में छात्रवृत्ति में फर्जीवाड़े के मामले सामने आए हैं। शासन के आदेश पर जनपद में भी छात्रवृत्ति की जांच जारी है। अब शासन के आदेश पर फर्जीवाड़े की आशंका के चलते जद में आए 113 निजी इंटर कॉलेजों की जांच शुरू हो गई है। जांच टीम के अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश भी दिए गए हैं।
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नागेंद्र पाल सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी

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