इंदिरापुरम। इंदिरापुरम पुलिस ने अदालत के आदेश पर एक व्यक्ति की शिकायत पर उसके भाई, भाभी और एक कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि आरोपियों ने संपत्ति के बेसमेंट क्षेत्र में हेरफेर कर उनसे करीब 1.38 लाख रुपये ठगे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
सुरेंद्र कुमार ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने 20 अप्रैल 2017 को नीति खंड-2, इंदिरापुरम में प्लॉट नंबर 631-632 एसएस बिल्डर्स प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड से खरीदी थी। इसे उनके भाई सतीश कुमार अरोड़ा और भाभी रजनी अरोड़ा नियंत्रित करते हैं। आरोप है कि आरोपियों ने बेसमेंट के दस्तावेज में हेरफेर किया। 21 अगस्त 2023 को हाउस टैक्स सर्वे के दौरान उन्हें इस विसंगति का पता चला। आरोपियों ने बेसमेंट की विसंगति को ठीक करने के बहाने सितंबर 2023 से सितंबर 2025 के बीच उनसे अतिरिक्त भुगतान के रूप में बड़ी रकम ली। ये रकम कंपनियों के खातों से आरोपियों के व्यक्तिगत और कंपनी खातों में स्थानांतरित की गई। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की निष्क्रियता और अदालत का हस्तक्षेप
सुरेंद्र कुमार ने 11 दिसंबर 2025 को पहली बार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद उन्होंने कई बार अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। पुलिस ने मई 2026 में आरोपियों को नोटिस जारी किए, लेकिन वे विदेश में बताए गए। पुलिस की निष्क्रियता के बाद, उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने इंदिरापुरम थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।