जम्मू-कश्मीर में श्री अमरनाथ यात्रा, जो भगवान शिव के भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थयात्रा है। यहां पर प्रतिवर्ष न केवल हिंदू बल्कि विभिन्न धर्मों के लोग भी शामिल होते हैं। जिले से भी प्रतिवर्ष पांच हजार के करीब श्रद्धालु यात्रा में जाते हैं। इस बार अभी तक 1500 के करीब श्रद्धालु यात्रा कर चुके हैं। यात्रा के दौरान प्रतिवर्ष बुलंदशहर समेत देशभर के विभिन्न स्थानों के सेवादार भंडारा शिविर का आयोजन करते हैं।
पिछले कई वर्षों से जिले से मुस्लिम युवक भी श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान भंडारे में सेवा करने पहुंच रहे हैं। इस बार बुलंदशहर नगर क्षेत्र के पिता-पुत्र समेत चार युवक सेवा करने पहुंचे हैं। जो भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव का उदाहरण पेश कर रहे हैं। शिवशक्ति जनहित सेवादल के चेयरमैन अशोक शर्मा ने बताया कि प्रतिवर्ष गांदरबल जिले के बालटाल बेस कैंप और दोमेल यात्रा मार्ग पर भंडारा शिविर लगाते आ रहे हैं।
भंडारे में काफी सेवादारों की जरूरत पड़ती है। इसके लिए जो भी सेवादार तैयार हो जाते हैं उन्हें साथ लेकर आ जाते हैं। सभी के साथ एक जैसा व्यवहार रहता हैं। बताया कि यात्रा में स्थानीय मुसलमान भी यात्रियों की सेवा और मेहमाननवाजी के लिए आते हैं। वे यात्रियों को पालकी, टट्टू, और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान करते हैं, जिससे यात्रा आसान हो जाती है।
तीसरी बार सेवा करने आया श्री अमरनाथ : शाहनवाज
नगर के शांति नगर कॉलोनी निवासी शाहनवाज ने बताया कि काम के सिलसिले में सभी जगह जाना पड़ता है। श्री अमरनाथ भंडारे में तीसरी बार आया हूं। कहा कि पहले हम सभी भारतीय हैं, काम किसी भी धर्म में मिले, करने में कोई बुराई नहीं, काफी लोग करते हैं। मुझे जो अच्छा लगा वह किया। बाबा अमरनाथ यात्रा में काफी लोग दूसरे धर्म के होने पर सेवा कर रहे हैं। कहा कि मेरे साथ नगर के नुमाइश मैदान निवासी रुस्तम, अनवर एवं अनवर का पुत्र सलमान भी सेवा में जुटे हैं।